Pahalgam Attack: हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एकजुटता देखने को मिल रही है, लेकिन इस बीच कुछ राजनेताओं के बयान विवाद का कारण बन रहे हैं। हरियाणा से बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने ऐसा बयान दिया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं ने अपने पति को इस हमले में खोया, उनमें वीरता का भाव नहीं था। उनका मानना है कि अगर महिलाएं आतंकियों का मुकाबला करतीं, तो नुकसान कम होता। इस टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसे पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति असंवेदनशील बताया जा रहा है।
महिलाओं को लेकर थी टिप्पणी
सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने पहलगाम अटैक पर एक बयान दिया, जिसके बाद से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दरअसल, सांसद ने पहलगाम हमले के दौरान मौजूद महिलाओं के बारे में कहा कि महिलाओं को आतंकी हमले में डरने के बजाय साहस का दिखाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ‘महिलाओं में जोश नहीं था, जज्बा नहीं था, दिल नहीं था, इसलिए हाथ जोड़कर गोली का शिकार हो गईं।’ उनके इस बयान पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी प्रतिक्रिया दी है।
ये बेहद घृणित टिप्पणी- दीपेंद्र हुड्डा
रामचंद्र जांगड़ा के इस बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दीपेंद्र हुड्डा ने इसका वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि ‘पहलगाम हमले में आतंकियों ने जिनके सुहाग उजाड़ दिए, अब उनकी मर्यादा उजाड़ने का काम हरियाणा के बीजेपी सांसद रामचंद्र जी कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे लिखा कि ‘यह बेहद घृणित टिप्पणी है, बीजेपी की तरफ से लगातार शहीद परिवारों का अपमान किया जा रहा है, जिस पर लगाम लगनी चाहिए।’