हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी गई. नई नीतियों के तहत ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों की रैंकिंग एक नए 120 पॉइंट वाले कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क से तय की जाएगी.
नई नीति में आयु को 25 प्रतिशत, कैडर में अनुभव को 25 प्रतिशत तथा अन्य फैक्टर को 50 प्रतिशत वेटेज दिया गया है.
मंत्रिमंडल ने पति पत्नी मामलों में मेरिट अंक 5 से बढ़कर 10 करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की. मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विभाग को MOTP 2026 के तहत पहले ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की भी मंजूरी दी है.
यह निर्देश खास तौर पर नेशनल कैटिगरी और उन कैडर के लिए होंगे जहां करंट ड्यूटी चार्ज की व्यवस्था लागू है. मंत्रिमंडल ने दयालु 1 योजना में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी, जिससे पात्र परिवारों को सहायता प्राप्त करने में और अधिक आसानी होगी.
इसके अलावा, क्लेम प्रस्तुत करने की समय सीमा 3 महीने से बढ़ा कर अब 6 महीने कर दी गई है.
आज तक दायर क्लेम के लिए पूर्व व्यापी छूट की अवधि को भी 3 महीने से बढ़ा कर मृत्यु अथवा दिव्यांगता की तिथि से 6 महीने तक किया जाएगा. 6 महीने से अधिक और 7 महीने तक की देरी के लिए हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अधिकृत किया गया है.
7 महीने से अधिक और 9 महीने तक की देरी के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निर्णय लेंगे. 9 महीने से अधिक और 12 महीने तक की देरी के लिए मामला वित्त मंत्री के पास आएगा.
एनसीआर जिलों में BS -4 या उससे पुराने मानकों वाले पुराने ट्रकों और बसों को बदलने पर मोटर वाहन कर में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. नया सफर योजना के तहत नए BS-6 या उससे कड़े मानकों वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को 100% मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी.
इन्हीं मानकों वाले पुराने या इस्तेमाल किए हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर भी पात्र लाभार्थियों को 50% मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी. दोनों ही मामलों में मोटर वाहन कर में यह छूट 10 साल की अवधि के लिए मान्य होगी. योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ की जाएगी.
मंत्रिमंडल ने हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 को भी दी मंजूरी- मुख्यमंत्री
नर्सरियों के लिए न्यूनतम गुणवत्ता मानक निर्धारित किए गए हैं तथा रिकॉर्ड प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है. अब नर्सरियों द्वारा बेची जाने वाली पौध सामग्री की कर कोड आधारित ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी.
मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है. अब स्लॉटर हाउस और मीट की दुकानों को नगर पालिका/नगर निगम से अलग व्यापार लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी. इस फैसले से दोहरी लाइसेंस की व्यवस्था खत्म होगी और नियमों की अनुपालना अधिक सरल व सुगम बनेगी. मंत्रिमंडल ने वॉटर संशोधन अधिनियम 2024 को अपनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.
संशोधित कानून का उद्देश्य छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघन को अपराध की श्रेणी से बाहर कर नियामक व्यवस्था को अधिक तर्कसंगत और संतुलित बनाना है. मंत्रिमंडल ने हरियाणा ग्राम शामलात भूमि विनियमन अध्यादेश 2026 को भी मंजूरी दी है.
बैठक में हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012 में संशोधन करने के लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी गई है. हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ा कर 7 करने का फैसला लिया गया है.
मंत्रिमंडल ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को यमुनानगर निगम में एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश जारी करने की मंजूरी दी है.
समिति की अध्यक्षता नगर निगम आयुक्त करेंगे
समिति उन कॉलोनी की पहचान करेगी जहां 26 सितंबर 2013 से पहले भवनों का नियमितीकरण किया गया था. विशेष रूप से उन कॉलोनियों को चिन्हित किया जाएगा जिनके खसरा नंबर और स्वीकृत लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं हैं. समिति में कॉलोनी के लिए प्रस्ताव तैयार कर उनकी बाहरी सीमाएं निर्धारित होगी.
मंत्रिमंडल ने डेवलपमेंट चार्ट से संबंधित प्रावधानों को भी दी मंजूरी- मुख्यमंत्री
जिन संपत्ति मालिकों ने 1996 की अधिसूचना तिथि तक भवन बना लिए थे लेकिन डेवलपमेंट कर जमा नहीं किया था उन्हें उस समय लागू दरों के अनुसार शुल्क जमा करना होगा. जिन संपत्ति मालिकों ने पहले ही डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान कर दिया है उन्हें पोर्टल पर शुल्क में छूट प्राप्त करने के लिए भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.
आज हुई विधायकों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने के रोड मैप पर चर्चा की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप हमारा लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित हरियाणा का निर्माण करना है. आज हमने इसी दिशा में विकसित हरियाणा 2047 चिंतन का शुभारंभ किया है.
हमने इसकी थीम 'मेरी विकसित विधानसभा' रखा है, अब विकसित हरियाणा की शुरुआत हर विधानसभा क्षेत्र से होगी. इस बैठक में हरियाणा के अगले 20 वर्षों की विकास यात्रा का रोड मैप तैयार करने की शुरुआत की गई है.
हर विधायक अपने क्षेत्र का विजन चैंपियन बनेगा- मुख्यमंत्री
वह अपने क्षेत्र की समस्याओं संभावनाओं और विकास की प्राथमिकताओं को स्वयं चिन्हित करेगा. हरियाणा के लिए तय किए गए कुछ बड़े और स्पष्ट लक्ष्य हैं. राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक तक पहुंचाना, प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को 40 लाख रुपए से अधिक तक ले जाना. महिला श्रम बाल भागीदारी को 45% से अधिक करना, महिला साक्षरता को सौ प्रतिशत तक पहुंचाना.
हमने तय किया है कि हर विधानसभा क्षेत्र अपनी अलग पहचान, चुनौतियों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ेगा. इसके लिए हम मेरी विकसित विधानसभा अभियान शुरू कर रहे हैं. आगामी जुलाई और अगस्त माह के दौरान सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र में जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे. विकसित हरियाणा के रोड मैप में तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस जो हैं शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जल पर्यावरण व जलवायु अनुकूलता. हमारा फोकस केवल फाइलों पर नहीं बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव पर है. हम हर 6 महीने में समीक्षा करेंगे कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं. विकसित हरियाणा, विकसित भारत की प्राण शक्ति बनेगा ऐसा मुझे पूरा विश्वास है.