Himani Narwal के 'हत्यारे' की क्या कम होगी सजा? ब्लैकमेलिंग पर क्या कहता कानून
Author: Sakshi Pandey
Mar 04, 2025 11:47 AM IST
Himani Narwal Murder Case Blackmail Law Punishment: कांग्रेस नेता हिमानी की दर्दनाक हत्या न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। हिमानी के हत्यारे को पुलिस ने बीते दिन गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में अपना गुनाह कबूलते हुए आरोपी सचिन ने कई बड़े खुलासे किए। तो आइए जानते हैं कि सचिन ने हिमानी पर क्या इल्जाम लगाए हैं और अगर यह इल्जाम सच साबित होते हैं, तो सचिन को क्या सजा हो सकती है?
सचिन का हिमानी पर आरोप
सचिन का कहना है कि 1 साल पहले सोशल मीडिया पर उसकी और हिमानी की दोस्ती हुई थी। सचिन शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी हैं। इसके बावजूद सचिन और हिमानी रिलेशन में आ गए और दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी था। सचिन ने दावा किया है कि हिमानी ने सचिन का वीडियो बनाया था और उसे ब्लैकमेल करते हुए पैसों की मांग कर रही थी। सचिन का दावा कितना सही है, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने सचिन के खिलाफ 2 धाराओं में केस दर्ज किया है। BNS की धारा 103(1) जानबूझकर की गई हत्या और धारा 238 जानबूझकर सबूत मिटाने के तहत मामला दर्ज किया गया है। पहली धारा के अंतर्गत आरोपी के लिए मौत या उम्रकैद की सजा के साथ जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं धारा 238 के तहत 7-10 साल की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है।
ब्लैकमेलिंग के आरोपों का सजा पर असर
सचिन ने हिमानी पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। ऐसे में क्या सचिन की सजा कम हो सकती है? बता दें कि सेल्फ डिफेंस के लिए किसी की जान लेने पर सजा में रियात मिल सकती है। वहीं अगर सेल्फ डिफेंस को अदालत में साबित कर दिया जाए तो व्यक्ति को रिहाई भी मिल सकती है। हालांकि सेल्फ डिफेंस का मतलब है कि अगर सामने वाले व्यक्ति को नहीं मारा गया तो आपकी जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में ब्लैकमेलिंग सेल्फ डिफेंस में शामिल नहीं है।
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