Himani Narwal Murder: कांग्रेस की युवा महिला नेता हिमानी नरवाल का शव 1 मार्च को हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला कस्बे के बस स्टैंड के नजदीक सूटकेस में मिला था। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर के तौर पर मामले की जांच शुरू की थी, बाद में मृतका की पहचान हिमानी नरवाल के तौर पर हुई थी। पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि युवा कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या के पीछे झज्जर जिले के खैरपुर गांव के रहने वाले सचिन का हाथ है। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया था। बता दें कि आरोपी अपने पड़ोसी गांव कानौंदा में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था।
उसकी श्यामजी मोबाइल के नाम से दुकान है। आरोपी 27 फरवरी को रात को सीधा हिमानी के घर रोहतक स्थित विजय नगर में गया था। रात को आरोपी हिमानी के साथ ही रुका और फिर हत्या की वारदात को अंजाम देकर चला गया। 28 फरवरी को सचिन एक बार फिर हिमानी के घर उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए आया था। लाश को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी दोबारा अपने घर आ गया था। पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगी है, जिसमें आरोपी लाश लेकर जाता दिख रहा है।
माता-पिता से सचिन के रिश्ते ठीक नहीं
हत्या के बाद वह अपने घर आकर सोया था। इस दौरान आरोपी 2 बैग लेकर घर आया था। एक मार्च की सुबह 8 बजे आरोपी दोनों बैग लेकर घर से सीधा दुकान पर गया। कुछ देर तक दुकान पर रुका और इसके बाद कहीं चला गया था। दोपहर को फिर आरोपी दुकान पर आया और इस दौरान एक कैब बुक की। इसके बाद दिल्ली चला गया था, परिवार को उसकी करतूतों की जरा सी भनक भी नहीं लगी। बताया गया है कि सचिन की पत्नी बीमार है, जो 27 फरवरी को अपने भाई के साथ दिल्ली स्थित मायके चली गई थी। सचिन के माता-पिता बुजुर्ग हैं, जिनके साथ सचिन के रिश्ते ठीक नहीं हैं।
इसलिए ये लोग एक ही घर में अलग-अलग रहते हैं। माता-पिता का कहना है कि बेटे ने जो क्राइम किया है, उसकी सजा कानून देगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि हिमानी विजय नगर स्थित घर में अकेली रहती थी, जबकि फैमिली बीएसएफ कैंप दिल्ली में रह रही थी। आरोपी की फेसबुक पर एक साल पहले हिमानी के साथ दोस्ती हुई थी। वह अक्सर उसके घर आता-जाता था। दोनों मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से बात करते थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, हिमानी नरवाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।