Gurugram Metro: गुरुग्राम के लोगों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड यानी जीएमआरएल ने साफ कर दिया है कि मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर 9 मेट्रो कॉरिडोर का करीब 8 परसेंट निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस बड़े मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट को अगस्त 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में दी गई. यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद आने वाले सालों में गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट की पूरी तस्वीर बदल जाएगी और प्रॉपर्टी के दामों में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
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कितने मेट्रो स्टेशन होंगे शामिल?
यह पूरा मेट्रो प्रोजेक्ट भारत सरकार और हरियाणा सरकार का एक जॉइंट वेंचर है. इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 28.5 किलोमीटर होगी, जिसमें 26.65 किलोमीटर का हिस्सा मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक पूरी तरह एलिवेटेड यानी ऊपर बना होगा. इसके अलावा बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे तक 1.85 किलोमीटर का एक एक्स्ट्रा स्पूर रूट भी तैयार किया जा रहा है. इस सेमी-सर्कुलर यानी अर्धचक्रीय आकार के कॉरिडोर में कुल 27 एलिवेटेड स्टेशन और एक मेंटेनेंस डिपो होगा. इस रूट पर मिलेनियम सिटी सेंटर, हीरो होंडा चौक और साइबर सिटी जैसे 3 प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जो पुराने और नए गुरुग्राम को आपस में जोड़ेंगे.
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पुराने गुरुग्राम का होगा कायाकल्प
इस मेट्रो लाइन के आने से पुराने गुरुग्राम के उन सेक्टर्स की किस्मत चमकने वाली है जो अब तक कनेक्टिविटी की कमी झेल रहे थे. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सेक्टर 3, 4, 5, 7, 9, 10, 22 और 23ए जैसे पुराने इलाकों में घरों की डिमांड और प्रॉपर्टी की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी. इसके साथ ही उद्योग विहार के अलग-अलग फेज और द्वारका एक्सप्रेसवे के पास वाले टीओडी जोन में ऑफिस स्पेस और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी तेजी आएगी. इससे नौकरीपेशा लोगों का सफर आसान होगा, गाड़ियों का जाम कम होगा और कंपनियों के लिए वर्कफोर्स को मैनेज करना बेहद सिंपल हो जाएगा.
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एसपीआर और जल अवसंरचना से मिलेगा विकास को डबल बूस्ट
मेट्रो के साथ-साथ गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई और प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. एनएच-48 से वाटिका चौक तक जाने वाले एलिवेटेड एसपीआर यानी सदर्न पेरिफेरल रोड का काम भी अक्टूबर से शुरू होने वाला है, जिससे सेक्टर 68 से 75 तक के इलाकों को सीधा फायदा होगा. इसके अलावा शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए लॉन्ग टर्म वॉटर सप्लाई प्लान और भूजल संरक्षण पर भी बड़ा फोकस है. हालांकि, जमीन अधिग्रहण और बिजली-पानी की लाइनों को शिफ्ट करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है. अगर ये सभी काम समय पर पूरे होते हैं, तो 2028 तक गुरुग्राम निवेशकों के लिए सबसे हॉट स्पॉट बन जाएगा.
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