मुख्य जानकारी:
- करनाल का बसताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला और देश का चौथा बैरियर फ्री टोल प्लाजा बन गया है.
- सोमवार से लागू हुए मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के बाद टोल प्लाजा से सभी बूथ और बैरियर हटा दिए गए हैं.
- सड़क के ऊपर लगी गैंट्री पर फिट कैमरे और सेंसर वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर फास्टैग से अपने आप पैसे काट लेंगे.
- फास्टैग न होने पर कैमरों की मदद से नंबर प्लेट के आधार पर टोल की पहचान और वसूली की जाएगी.
- टोल राशि न कटने पर वाहन मालिक को एसएमएस या मोबाइल ऐप के जरिए सूचना और भुगतान का विकल्प दिया जाएगा.
Barrier Free Toll: हरियाणा के करनाल जिले में स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा ने एक बड़ा इतिहास रच दिया है. यह टोल प्लाजा अब हरियाणा का पहला और पूरे देश का चौथा बैरियर फ्री टोल बन चुका है. सोमवार से यहां मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी एमएलएफएफ सिस्टम को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. इस आधुनिक व्यवस्था के शुरू होने से अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाने के लिए रुकने, लंबी लाइनों में लगने या फिर बैरियर खुलने का इंतजार करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी. अब लोग अपने वाहनों को सामान्य गति से सीधे टोल क्षेत्र से निकाल सकेंगे और उनका सफर पहले के मुकाबले काफी तेज हो जाएगा.
फास्टैग से अपने आप कट जाएगी टोल राशि
बसताड़ा टोल प्लाजा के मैनेजर ने सोमवार को इस नई तकनीक की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि मल्टी लेन फ्री फ्लो एक पूरी तरह से गेट-रहित यानी बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है. इस नई व्यवस्था के अंतर्गत टोल प्लाजा के ऊपर एक विशेष गैंट्री लगाई गई है, जिस पर बेहद आधुनिक हाई-टेक कैमरे और सेंसर फिट किए गए हैं. जैसे ही कोई वाहन इस क्षेत्र से गुजरेगा, ये कैमरे और सेंसर उस वाहन की नंबर प्लेट को तुरंत पढ़ लेंगे और गाड़ी पर लगे फास्टैग को स्कैन करके टोल की तय राशि अपने आप काट लेंगे. इस तकनीक से समय और ईंधन की भारी बचत होगी और टोल पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.
लापरवाही बरतने पर लगेगा भारी जुर्माना
इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही टोल भुगतान, फास्टैग और जुर्माने से जुड़े कई कड़े नियम भी बदल गए हैं. यदि किसी वाहन पर फास्टैग नहीं लगा है, तो भी गैंट्री पर लगे कैमरों की मदद से उसकी नंबर प्लेट के आधार पर टोल की वसूली की जाएगी. अगर किसी तकनीकी कारण से मौके पर टोल राशि नहीं कट पाती है, तो वाहन मालिक को तुरंत एसएमएस या मोबाइल ऐप के माध्यम से इसकी सूचना दी जाएगी. नए नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने पर वाहन मालिक को भारी पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है, जिससे टोल चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी.
लोकल पास के नियमों में भी बदलाव
सरकार ने टोल चोरी को पूरी तरह से रोकने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए जुर्माने का एक सख्त ढांचा तैयार किया है. अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के पाया जाता है, तो ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करने पर उसे सवा गुना टैक्स देना होगा, जबकि नकद यानी कैश में भुगतान करने की स्थिति में दोगुना टोल टैक्स वसूला जाएगा. इस नए सिस्टम के आने से नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करने वालों पर भी सीधा ऑनलाइन चालान जारी किया जाएगा. इसके साथ ही स्थानीय चालकों के लिए बनने वाले लोकल पास और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के रोजगार से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं.
इस नई व्यवस्था के फायदे:
- समय और ईंधन की बचत: टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे लोगों का कीमती समय बचेगा और ईंधन की खपत कम होगी.
- जाम से मिलेगी मुक्ति: बैरियर और बूथ हटने से टोल क्षेत्र में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी.
- प्रदूषण में आएगी कमी: वाहनों के लगातार चलते रहने और टोल पर स्टार्ट खड़े न रहने से आसपास के पर्यावरण में प्रदूषण काफी कम होगा.
- पारदर्शिता और सुरक्षा: ऑटोमैटिक सिस्टम से टोल टैक्स कटने के कारण मैन्युअल गलतियां खत्म होंगी और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वालों का तुरंत चालान होगा.
- टोल चोरी पर लगाम: बिना फास्टैग के निकलने वाले वाहनों से सवा गुना और दोगुना जुर्माना वसूलने के नियम से टोल चोरी पूरी तरह रुक जाएगी.