Signal Free Corridor: गुरुग्राम के सेक्टर 47, सोहना रोड और आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. इस इलाके के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक, बख्तावर चौक का हुलिया अब पूरी तरह बदलने वाला है. गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत इस चौक को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया गया है. गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने यहां तीन लेन के अंडरपास के साथ-साथ एक शानदार चार स्तरीय (4-level) ट्रैफिक इंटरचेंज बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे इस रूट पर सफर करने वालों का समय बचेगा और सफर बेहद आसान हो जाएगा.
---विज्ञापन---
क्या है अधिकारियों का मेगा प्लान?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद मिलेनियम सिटी सेंटर और सुभाष चौक के बीच ट्रैफिक के बोझ को कम करना है. करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस तीन लेन के अंडरपास को मेट्रो के बुनियादी ढांचे के साथ इस तरह जोड़ा जाएगा कि दोनों के स्ट्रक्चर आपस में तालमेल बिठा सकें. अधिकारियों की योजना के मुताबिक, इस 4-लेवल सिस्टम में सबसे नीचे एक भूमिगत अंडरपास होगा, उसके ऊपर गाड़ियों के लिए सामान्य सड़कें होंगी, तीसरे स्तर पर एक ऊंचा फ्लाईओवर (एलिवेटेड रोड) बनेगा और सबसे ऊपर से मेट्रो का पुल गुजरेगा. इस बेहतरीन डिजाइन के बाद बख्तावर चौक दिल्ली-एनसीआर के सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब में से एक बन जाएगा.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: DND-KMP एक्सप्रेसवे से बदलेगी NCR की रफ्तार! अब दिल्ली-नोएडा से फरीदाबाद का सफर होगा सुपरफास्ट, जानिए कब होगी ओपनिंग
---विज्ञापन---
रियल एस्टेट मार्केट पर दिखेगा इसका सीधा असर
बुनियादी ढांचे में हो रहे इस बड़े सुधार का सीधा फायदा गुरुग्राम के प्रॉपर्टी बाजार को मिलने वाला है. कनेक्टिविटी बेहतर होने और मेट्रो पास आने से सेक्टर 47, सेक्टर 48, सोहना रोड, सुभाष चौक और एसपीआर (दशमी परिधीय सड़क) जैसे इलाकों में घरों और कमर्शियल स्पेस की मांग तेजी से बढ़ेगी. फिलहाल इन इलाकों में प्रॉपर्टी की औसत कीमतें 12,723 रुपये से लेकर 23,007 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हैं, जिनमें आने वाले समय में और उछाल देखने को मिल सकता है. बेहतर रास्तों की वजह से नए गुरुग्राम के इलाकों में भी डेवलपर्स और खरीदारों की दिलचस्पी काफी बढ़ जाएगी.
---विज्ञापन---
भविष्य में कमर्शियल हब बनने की उम्मीद
यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रैफिक सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर भी बदल देगा. बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी की वजह से यहां रिटेल शॉप्स, बड़े ऑफिस पार्क, मॉल और होटलों में नया निवेश आने की पूरी उम्मीद है. हालांकि, सड़क और मेट्रो एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाना और इस जटिल इंजीनियरिंग को जमीन पर उतारना एक बड़ी चुनौती होगी. लेकिन जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तो बख्तावर चौक और उसके आसपास के इलाके गुरुग्राम के विकास के सबसे आधुनिक और पसंदीदा ठिकाने बन जाएंगे.
---विज्ञापन---