Vadodara Boat Capsize Incident: गुजरात के वडोदरा जिले में 18 जनवरी को हरनी मोटनाथ झील में बोटिंग करते समय 14 लोगों की मौत हो गई। इसमें 12 बच्चे और दो शिक्षक शामिल हैं। ये सभी पिकनिक मनाने के लिए यहां आए हुए थे। बताया जाता है कि नाव पर 26 लोग सवार थे, जबकि बैठने की क्षमता 16 लोगों की थी। इस मामले में पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने शनिवार को बड़ी जानकारी दी।
18 आरोपियों के खिलाफ FIR
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें से एक आरोपी की मौतहो गई। छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे गहन पूछताछ के दौरान पता चला कि दिन-प्रतिदिन की वित्तीय गतिविधियों की रिपोर्टिंग परेश शाह और नीलेश जैन को की जाती थी। हमें इसके दस्तावेजी सबूत भी मिले।
'नाव संचालक केवल तैरना जानता था'
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नाव संचालक केवल तैरना जानता था। उसके पास नाव चलाने की कोई योग्यता नहीं थी। उन्हें नीलेश जैन ने वहां तैनात किया था। कमिश्नर ने बताया कि नाव पर सवार सहायक को तैरना भी नहीं आता था। ये सभी बातें लापरवाही को दर्शाती हैं। इसलिए आरोपियों के लिए एलओसी (लुक आउट सर्कुलर) जारी किया गया है।
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नाव हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये, जबकि घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया था। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना की थी। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडोदरा जिला मजिस्ट्रेट से विस्तृत जांच कर 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी
मिली जानकारी के मुताबिक, नाव में सवार किसी भी शख्स ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिसकी वजह से बड़ा हादसा हुआ। स्थानीय विधायक केउर रोखड़िया ने जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी।
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