तापी जिले के 38 आदिवासी छात्रों को ‘तापी के तारे’ परियोजना के तहत तीन दिन की इसरो यात्रा (Satellite Launching Centre, श्रीहरिकोटा, मल्टी-स्टेज अध्ययन दौरा) के लिए रवाना किया गया। इस शिक्षा-भ्रमण कार्यक्रम का मकसद छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। पहली बार विमान में बैठे छात्रों की पहली हवाई यात्रा पर निकलने की उत्सुकता साफ झलक रही थी। इस अब्यास यात्रा में वे सैटेलाइट लॉन्चिंग सेंटर का दौरा करेंगे, जहां उन्हें रॉकेट और उपग्रह प्रक्षेपण की प्रक्रिया और प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
टेस्ट के आधार पर चयन
ये 28 छात्र ग्यारवी और बारहवीं कक्षा के थे जिनका चयन एक टेस्ट के आधार पर किया गया था। इन छात्रों की ये अब्यास यात्रा राज्य आदिवासी विकास विभाग और तापी प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशेष अध्ययन-कार्यक्रम का हिस्सा है। तापी जिला कलेक्टर डॉ. विपिन गर्ग ने छात्रों और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर उन्हें बताया कि यह उनके लिए भी “लकी चांस” था, क्योंकि वे खुद कभी इसरो नहीं गए हैं।
छात्रों ने कलेक्टर को भेंट की एक स्पेशल टी-शर्ट भेंट
छात्रों ने कलेक्टर को एक स्पेशल डिजाइन टी-शर्ट भेंट की। आयोजित यात्रा में इंदु एकलव्य मॉडल रेज़िडेंशियल स्कूल, दोलवन सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आदर्श रेजिडेंशियल स्कूल, उकाई, शिक्षक और सूचना अधिकारी जैसे कई पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हैं, जो छात्रों की यात्रा के दौरान मार्गदर्शन का कार्य करेंगे।
तापी जिले के आदिवासी छात्रों द्वारा इसरो की यात्रा, विशेष रूप से अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। यह न केवल उनकी अध्ययन यात्रा को समृद्ध बनाएगी, बल्कि भविष्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी भागीदारी के अवसर भी मजबूत करेगी।