गुजरात की शिक्षा व्यवस्था को लेकर नीति आयोग की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. वर्ष 2024-25 के लिए जारी इस रिपोर्ट में राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर उजागर हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात की 2936 स्कूलें केवल एक ही शिक्षक के भरोसे चल रही हैं. इन स्कूलों में कुल 1 लाख 5 हजार 134 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह असंतुलित नजर आ रही है. 63 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां इस साल एक भी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया, जबकि 78 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं होने के बावजूद शिक्षकों की नियुक्ति की गई है. यह आंकड़े शिक्षा विभाग की प्रशासनिक विसंगतियों को उजागर करते हैं.
यह भी पढ़ें: देश को पहली जींस गिफ्ट करने वाले 85 साल के बिजनेसमैन की कहानी
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में प्यूपिल-टीचर रेशियो भी चिंता का विषय बना हुआ है. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 24 छात्रों पर एक शिक्षक, सेकेंडरी स्कूलों में 27 छात्रों पर एक शिक्षक और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 25 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात दर्ज किया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 63134 करोड़ रुपए के शिक्षा बजट और सरकार के बड़े स्तर पर चलाए जाने वाले प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों के बावजूद राज्य की शिक्षा व्यवस्था में संतुलन नहीं बन पाया है. हर साल मंत्री और अधिकारी प्रवेशोत्सव के जरिए स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए अभियान चलाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं.
सबसे बड़ी चिंता उन एकल शिक्षक वाली स्कूलों को लेकर है, जहां एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं और विषयों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है.
यह भी पढ़ें: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में भारत ने रचा इतिहास, सुरंग खोदने उतरा 350 टन का ‘महाकटर’
नीति आयोग की यह रिपोर्ट मैं गुजरात में विपक्ष को सरकार को गिरने का एक और मौका दे दिया ऐसे में इसमुद्दे पर सभी विपक्ष सरकार पर हमलावर है . कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गुजरात सरकार इस स्थिति के बावजूद 5000 से ज्यादा स्कूलों पर ताला लगाने की फिराक में है. ऐसे में नीति आयोग की ये रिपोर्ट गुजरात सरकार के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत मानी जा रही है, क्योंकि लाखों बच्चों का भविष्य पर्याप्त शिक्षकों और संसाधनों के बिना आगे बढ़ रहा है.
संबंधित खबरें
एक फोन कॉल बनी टाइगर श्रॉफ के शूटरों के लिए काल! सूरत में मिला था सुराग
1 day agoTMC छोड़ते ही युसूफ पठान को मिला 'गिफ्ट', 20 करोड़ का मिला विवादित प्लॉट
2 days agoमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का पुल की खराब गुणवत्ता के विरुद्ध कड़ा रुख
4 days agoगुजरात में फार्मा कंपनी में ब्लास्ट, 5 की गई जान
5 days agoमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धोलेरा में विकास कार्यों की समीक्षा
6 days agoगांधीनगर की केमिकल फैक्ट्री में ब्लास्ट, 4 प्रवासी मजदूरों की मौत
7 days agoअदाणी लॉजिस्टिक्स और CMA CGM की साझेदारी, गुजरात में चलेंगे इलेक्ट्रिक ट्रक
8 days agoगांधीनगर नगर निगम चुनाव में BJP की बंपर जीत, 44 में से 38 सीटें जीतीं
9 days agoअदाणी कच्छ कॉपर से कार्बन एमिशन होगा कम, 115 MW रिन्यूएबल एनर्जी का प्लान
10 days agoवडोदरा में सजा 'ऐक्यम' का मंच, भारतीय और यूरोपीय कला-संस्कृति का दिखा संगम
11 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines