देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' NEET को लेकर जहां एक तरफ पेपर लीक का विवाद गरमाया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों को ठगने का एक नया और शातिर डिजिटल खेल सामने आया है. अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने एक ऐसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है जो सीधे नीट पोर्टल में सेंध लगाकर छात्रों के रिफंड के पैसे चुरा रहा था. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बिहार के गया से एक 19 साल के शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है.

पकड़ा गया यह आरोपी कोई प्रोफेशनल हैकर नहीं, बल्कि बिहार के गया जिले का रहने वाला 19 वर्षीय कॉलेज छात्र नवीन कुमार यादव है. लेकिन इसके कारनामे जानकर पुलिस भी हैरान है. पुलिस के मुताबिक, नवीन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के आधिकारिक नीट पोर्टल पर करीब 350 छात्रों के अकाउंट्स को निशाना बनाया.

जांच में सामने आया कि जिन छात्रों ने अपने अकाउंट के लिए बहुत ही कमजोर या आसान पासवर्ड जैसे '123456' या अपना नाम और जन्मतिथि रखे हुए थे, आरोपी ने 'ब्रूट फोर्स' (Brute-force) तकनीक का इस्तेमाल कर उनके अकाउंट्स को हैक कर लिया. ऐसे करीब 150 से ज्यादा छात्रों के प्रोफाइल में इसने अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया.

एक बार छात्र के अकाउंट में घुसने के बाद, नवीन उन छात्रों को ढूंढता था जो परीक्षा फीस के रिफंड लगभग ₹1,700 प्रति छात्र के हकदार थे. इसके बाद वह बड़ी चालाकी से छात्रों के असली बैंक अकाउंट डिटेल्स को हटाकर, वहां अपना बैंक अकाउंट नंबर डाल देता था. यानी NTA की तरफ से जो भी रिफंड जारी होता, वह सीधे छात्रों के बजाय इस ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाता.

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एक छात्र के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पोर्टल में बैंक डिटेल्स बदल दी गई हैं. अहमदाबाद साइबर क्राइम ने तुरंत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर से संपर्क साधा. पोर्टल के डिजिटल फुटप्रिंट्स, आईपी एड्रेस और बैंक खातों की तकनीकी जांच के बाद पुलिस की एक टीम बिहार पहुंची और आरोपी नवीन यादव को दबोच लिया.

इस घटना के बाद NTA ने अपने सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया है, लेकिन छात्रों के लिए यह एक बड़ा सबक है कि वे अपने डिजिटल अकाउंट्स की सुरक्षा में कोई ढिलाई न बरतें.

​इस बड़ी कामयाबी के बाद अहमदाबाद पुलिस और NTA के अधिकारियों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों को बेहद जरूरी सलाह भी दी है.