Morbi Tragedy: जांच में दावा- ओरेवा ग्रुप ने रिनोवेशन के 2 करोड़ में से सिर्फ 12 लाख रुपये ही खर्च किए
Edited By Om Pratap

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Morbi Bridge Collapse: गुजरात के मोरबी हैंगिंग ब्रिज गिरने के मामले में जारी जांच के बीच दावा किया गया है कि ब्रिज के रेनोवेशन के लिए आवंटित दो करोड़ रुपये में से सिर्फ 12 लाख रुपये ही खर्च किए गए थे। अहमदाबाद स्थित ओरेवा ग्रुप मोरबी में सस्पेंशन केबल ब्रिज के नवीनीकरण और मरम्मत के लिए जिम्मेदार था। बता दें कि ओरेवा ग्रुप अजंता की सहायक कंपनी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुल के नवीनीकरण के लिए आवंटित कुल राशि का केवल 6% ही खर्च किया गया।
ओरेवा ग्रुप को इस साल मार्च में मोरबी पुल के रखरखाव का अनुबंध दिया गया था। ओरेवा ग्रुप के अध्यक्ष जयसुख पटेल ने 24 अक्टूबर को घोषणा की थी कि गुजराती नव वर्ष पर पुल को फिर से खोलना सुरक्षित है। बता दें कि हादसे में करीब 140 लोगों की मौत हो गई थी।
हादसे के कारणों की जांच ने ओरेवा ग्रुप की कई अनियमितताओं को उजागर किया है। ग्रुप ने नवीनीकरण का उप-अनुबंध किया था और पुल को ठीक करने की जिम्मेदारी ध्रांगधरा स्थित फर्म देवप्रकाश सॉल्यूशंस को दी थी। ओरेवा की तरह, उपठेकेदारों के पास भी इस तरह के काम के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी का अभाव था। पुल की मरम्मत पर खर्च किए गए पैसे का जिक्र देवप्रकाश सॉल्यूशंस से जब्त दस्तावेजों में है।
मार्च 2022 में ओरेवा ग्रुप की मूल कंपनी, मोरबी नगर निगम और अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के बीच 15 साल के रखरखाव अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो 2037 तक वैध था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोरबी नागरिक निकाय को सूचित किए बिना कथित रूप से बंद होने के सात महीने के भीतर पुल को फिर से खोल दिया।
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