---विज्ञापन---

गुजरात angle-right

बहादुर पुलिसवाला! बेहोश हुई लड़की को कोर्ट की तीसरी मंजिल से कंधे पर उठाकर भागा, अस्पताल पहुंचाया

Surat Brave Policeman Ran away Carrying Unconscious Girl on his Shoulders: सूरत जिला कोर्ट में तीसरी मंजिल पर एक लड़की बेहोश हो गई तो, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन रांदेर पुलिस स्टेशन में पीएसआई बी.एस. परमार ने तुरंत लड़की को अपने कंधों पर उठा लिया और भागने लगे।

---विज्ञापन---

Surat Brave Policeman Ran away Carrying Unconscious Girl on his Shoulders: सूरत कोर्ट में आज इंसानियत की एक बढ़िया मिशाल देखने को मिली, यहां कोर्ट परिसर की तीसरी मंजिल पर एक लड़की बेहोश पड़ी थी। जिसके बाद कुछ देर के लिए वहां गए रांदेर पुलिस स्टेशन के पीएसआई को पता चला कि उसे तुरंत इलाज की आवश्यकता है, तो उन्होंने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत लड़की को कंधे पर उठाया और उसे एंबुलेंस तक लेकर दौड़े, जिसके बाद लड़की को अस्पताल में भेजा गया जहां अब वह सुरक्षित है।

कोर्ट परिसर में बेहोश हो गई थी लड़की

यह मामला गुजरात के सूरत जिला कोर्ट का है, जहां तीसरी मंजिल पर एक लड़की कोर्ट में बेहोश हो गई तो वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन रांदेर पुलिस स्टेशन में पीएसआई बी.एस. परमार ने तुरंत लड़की को अपने कंधों पर उठा लिया और भागने लगे। वाहन का इंतजार किए बिना वे अन्य लोगों के साथ कोर्ट परिसर के बाहर खड़ी 108 एंबुलेंस के पास पहुंच गए। पीएसआई ने बेहोश लड़की को एम्बुलेंस के पास पहुंचाया और इलाज शुरू किया।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- Weather Update: साउथ इंडिया में अगले 2 दिन भारी बारिश होने के आसार, कई राज्यों में कोहरा बना परेशानी

सड़क से अदालत की 100 मीटर से अधिक है दूरी

इस पूरी घटना के बारे में पीएसआई बीएस परमार ने कहा कि मैं कोर्ट में मौजूद था। युवती अपनी मां के साथ आई थी और मैं तो उसे जानता तक नहीं। हालांकि, जैसे ही उसे चक्कर आया और लड़की बेहोश हो गई। मजिस्ट्रेट ने उसे इलाज के लिए ले जाने को कहा तो, मैंने बिना देरी किए बेहोश लड़की को कंधे पर उठाकर इलाज के लिए दौड पड़ा। उसी समय 108 एंबुलेंस को भी फोन कर दिया गया था, लेकिन सड़क अदालत से 100 मीटर से अधिक दूरी पर है।

---विज्ञापन---

रोजाना पांच किलोमीटर दौड़ते हैं

बता दें कि पीएसआई बी.एस. परमार (48) पहले अहमदाबाद में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के रूप में कार्यरत थे। वह पिछले 2018 से पीएसआई के रूप में कार्यरत हैं। अपनी फिटनेस को लेकर उन्होंने कहा कि रांदेर पुलिस स्टेशन के पीआई ए.एस. सोनारा समेत स्टाफ के साथ रोजाना पांच किलोमीटर दौड़ते हैं, इसलिए अपनी अच्छी फिटनेस की वजह से इतनी दूर तक लड़की को कंधो पर उठाकर दौड़ने में सफल हो पाए।

 

---विज्ञापन---

First published on: Oct 28, 2023 11:42 AM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola