गुजरात के गोधरा शहर ने अपने नगरपालिका चुनावों में एक अप्रत्याशित और ऐतिहासिक चुनावी परिणाम के बाद पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. बता दें कि गोधरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में हिंदू निर्दलीय उम्मीदवार अपेक्षा बेन सोनी ने भारी बहुमत से चुनाव में जीत हासिल की है जबकि इस वार्ड में 100% मुस्लिम मतदाता रहते हैं.
यहां पर एक खास बात यह भी है कि उम्मीदवार का नाम वार्ड की मतदाता सूची में नहीं है और वह इस इलाके में रहती भी नहीं हैं. इसके बाद भी वार्ड के मतदाताओं ने कथित तौर पर धार्मिक पहचान के बजाय विकास प्राथमिकताओं के आधार पर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया.
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जीत के बाद क्या बोलीं अपेक्षा सोनी?
अपेक्षा सोना का मानना है कि गोधरा में अतीत में कई दंगे हुए हैं, लेकिन इस बार मुस्लिम समुदाय ने उन पर भरोसा जताकर और उनकी चुनावी जीत सुनिश्चित करके सांप्रदायिक सद्भाव का एक शानदार उदाहरण पेश किया है. उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने मुझे पर भरोसा करके वोट दिया है, मैं उनसे वादा करती हूं कि उनके क्षेत्र में मौजूद किसी भी प्राथमिक मुद्दे या शिकायत का समाधान करने के लिए मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाऊंगी.'
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गुजरात नगर निगम चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत
इस बीच गुजरात के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत हासिल हुई है और उसने राज्य के सभी 15 नगर निगमों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है. अहमदाबाद में बीजेपी ने 192 में से 146 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 18 सीटें मिलीं, जो शहरी स्थानीय निकायों में विपक्ष की उपस्थिति में भारी गिरावट का संकेत है.
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इसके अलावा सूरत, राजकोट और वडोदरा समेत अन्य प्रमुख शहरों में भी भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया. सूरत में पार्टी ने 115 सीटें जीतीं जबकि आम आदमी पार्टी को सिर्फ 4 सीटें ही मिल सकीं. राजकोट और वडोदरा में भाजपा ने 65-65 सीटें जीतकर गुजरात के शहरी राजनीतिक परिदृश्य में अपना दबदबा कायम किया है.
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