जहां पूरा देश रंगों के उत्सव में डूबा था, वहीं गुजरात के कई जिलों में रंगोत्सव जिसे गुजरात में धुलेटी के नाम से जाना जाता है वह त्यौहार परिवारों के लिए मातम में बदल गया. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रंग खेलने के बाद नदी और तालाबों में नहाने गए 24 से ज्यादा लोगों की डूबने से जान चली गई है.
गुजरात के अरावली, सूरत, महीसागर और अमरेली सहित करीब 7 से 8 जिलों से इसी तरह की दिल दहला देने वाली खबरें आई हैं. सबसे बड़ी घटना महीसागर जिले के कोठंबा के पास राघवना मुवाड़ा गांव में हुई, जहां एक ही तालाब में नहाने गए 4 युवकों की डूबने से मौत हो गई. इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है.
न केवल युवा, बल्कि बच्चों ने भी इस हादसे में अपनी जान गंवाई है. पंचमहल के नवा जांभु फली इलाके के रायचंद और जैमीन डामोर जैसे मासूम बच्चे भी पानी की गहराई का शिकार बन गए.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं. भारी मशक्कत के बाद शवों को पानी से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है.
अजय भर में मृतकों का आंकड़ा 24 के पार पहुँच चुका है. सूरत, राजकोट, मेहसाणा, देवभूमि द्वारका और नर्मदा जिलों में भी डूबने की कई दुखद घटनाएं दर्ज की गई हैं. त्योहार की खुशियाँ पल भर में चीख-पुकार में बदल गईं. प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे गहरे पानी से दूर रहें, लेकिन सावधानी हटने से ये बड़े हादसे हो गए.
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