Gujarat News: देश भर में विकास के मॉडल के तौर पर पहचाने जाने वाले गुजरात राज्य में अभी भी लोग किस कदर पिछड़े हैं और अंधविश्वास के शिकार हो रहे हैं। इसका एक ताजा मामला दाहोद जिले के हिमला गांव का है, जहां चार माह की मासूम को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बजाय परिजन झाड़फूक वाले तांत्रिक के पास ले गए।
क्या है मामला
बता दें, बच्ची सर्दी, खांसी और बुखार से ग्रस्त थी। बच्ची के मां-बाप उसे लेकर झाड़फूक करने वाले ओझा के पास ले गए, तो उसने बताया कि बच्ची पर ऊपरी साया है और उसे लोहे की रॉड गर्म कर दागता रहा। इसके बाद मासूम की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
ओझा ने परिवार के सामने ही मासूम पर गरम लोहे की सलाखों से कई बार दागा। बच्ची चीखती रही, लेकिन बेरहम ओझा उसे दागता रहा। जब बच्ची की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई, तो उसे नजदीक के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां तुरंत उसका इलाज शुरू किया गया। फिलहाल, बच्ची अब स्वस्थ है, लेकिन इस बीच ओझा फरार हो गया है, जिसे पुलिस तलाश कर रही है।
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