Gujarat Cardiac Arrest cases: गुजरात के राजकोट में 9वीं क्लास की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। छात्रा एग्जाम हॉल में पेपर देने के लिए प्रवेश कर रही थी, उस समय उसे दिल दौरा पड़ गया। इसके बाद उसे तुरंत अस्तपाल ले जाया गया लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद युवाओं में हार्ट अटैक से होने वाली मौत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
दरअसल, कक्षा 9 में पढ़ने वाली 15 वर्षीय साक्षी राजोसरा परीक्षा हॉल में प्रवेश कर रही थी। तभी उसे अचानक हार्ट अटैक आ जाता है। यह घटना गुजरात के राजकोट के अमरेली शहर के शांताबा गजेरा स्कूल में हुई। राजकोट के जसदान तालुका की रहने वाली साक्षी को अटैक के बाद हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। छात्रा की अचानक मौत का कारण पता करने के लिए उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बता दें कि कुछ दिन पहले गुजरात के सूरत में गरबा खेलते वक्त एक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
कार्डिएक अरेस्ट की घटनाओं के बीच चिंताए बढ़ीं
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने राज्य में युवाओं में कार्डियक अरेस्ट की बढ़ती संख्या पर चिंता पैदा कर दी है। ऐसी घटनाओं में अचानक वृद्धि ने माता-पिता, शिक्षकों और डॉक्टरों के बीच खतरे की घंटी बजा दी है। दिल से संबंधित मौतों में चिंताजनक वृद्धि ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा किए गए शोध का हवाला देते हुए चेतावनी जारी करने के लिए प्रेरित किया है। मंत्री मंडाविया के अनुसार, जिन व्यक्तियों को गंभीर कोविड-19 संक्रमण हुआ है, उन्हें ठीक होने के बाद एक तय अवधि के लिए अत्यधिक व्यायाम करने से बचना चाहिए।
बता दें कि आईसीएमआर ने कोविड की बीमारी झेल चुके लोगों के लिए चेतावनी जारी की थी कि ऐसे लोगों को ठीक होने के बाद कम से कम एक या दो साल के लिए अत्यधिक व्यायाम नहीं करना चाहिए। इसका लक्ष्य लोगों में दिल के दौरे के जोखिम को कम करना है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बढ़ती हृदय संबंधी घटनाओं के मद्देनजर सक्रिय कदम उठाए हैं।