कोल्हापुर के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. कोल्हापुर में 'महादेवी' के नाम से पहचानी जाने वाली माधुरी हथिनी की घर वापसी तय हो गई है. जामनगर स्थित वन्यजीव संरक्षण केंद्र 'वंतारा' ने 11 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है. वंतारा ने साफ किया है कि वह हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) के आदेशों का पूरी तरह सम्मान करते हुए माधुरी को कोल्हापुर भेजने के लिए तैयार है.

वंतारा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि माधुरी को 30 जुलाई 2025 को हाई-पावर्ड कमेटी, बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत देखभाल के लिए जामनगर लाया गया था. वंतारा ने कभी उसकी कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि केवल अदालत के आदेश पर उसके स्वास्थ्य सुधार की जिम्मेदारी उठाई थी.

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इन सख्त शर्तों पर होगी वापसी

महाराष्ट्र सरकार, उसके अधिकारियों, स्टेकहोल्डर्स और समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के बाद, वंतारा ने 06 अगस्त 2025 को कहा कि वह उन भावनाओं का सम्मान करता है और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को HPC के सामने अपनी बात रखने का निर्देश दिया. सभी पक्षों की बात सुनने, रिपोर्ट मंगाने के बाद हाई-पावर्ड कमेटी ने 09 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया. इसमें माधुरी को कड़ी शर्तों के साथ कोल्हापुर लौटने की अनुमति दी गई. इन शर्तों में शामिल है कि उसे जुलूस या किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, उसकी चौबीसों घंटे देखभाल की जाएगी और हर दो हफ़्ते में उसकी मेडिकल जांच होगी.

वापसी के बाद भी वंतारा रखेगा सेहत पर नजर

वंतारा ने स्पष्ट किया है कि माधुरी की सेहत में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन उसकी पुरानी बीमारियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. इसलिए वापसी के बाद भी वंतारा की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी. वंतारा ने उसके लौटने की प्रक्रिया में मदद की है ताकि रहने की सही जगह, वेटेरिनरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल उपकरण, दवाइयां और दूसरी ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध हों. वंतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में कोल्हापुर जाकर उसकी जांच करेंगे और रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेंगे.

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इसके अलावा, वंतारा ने नंदणी स्थित उस बाड़े और सुविधा पर भी काम किया है जहां माधुरी अब वापस जा रही है. वहां मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में, उसके लिए सबसे अच्छी व्यवस्था की गई है. टाउन प्लानिंग से जुड़ी पाबंदियों के कारण इस स्टेज पर इंफ्रास्ट्रक्चर में और सुधार नहीं किए जा सके, क्योंकि ट्रस्ट की ज़मीन से गुज़रने वाली सड़क ने डेवलपमेंट के लिए उपलब्ध ज़मीन को सीमित कर दिया है. माधुरी के बस जाने के बाद, वंतारा सुविधा को अपग्रेड करने के लिए मठ के साथ मिलकर काम करता रहेगा. अगर कोर्ट या संबंधित अधिकारी ऐसा करने का निर्देश देते हैं तो वंतारा ऐसे अपग्रेडेशन में भी पूरी मदद करेगा. वंतारा का मानना ​​है कि जानवरों की सच्ची भलाई के लिए तथ्यों, वेटेरिनरी साइंस, ज़िम्मेदार देखभाल, सही प्रक्रियाओं का पालन और जीवन की हमेशा रक्षा करने के पक्के संकल्प की ज़रूरत होती है.

वंतारा ने महाराष्ट्र और गुजरात सरकार, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, कोल्हापुर की जनता और पेटा इंडिया का आभार जताया और कहा कि वे माधुरी की चिंता करने के लिए मठ और कोल्हापुर के लोगों के भी उतने ही आभारी हैं. साथ ही HPC के सामने माधुरी की स्थिति को लाने में PETA इंडिया की भूमिका को भी मानते हैं और जानवरों की भलाई के काम में उनके साथ अपने लंबे जुड़ाव को महत्व देते हैं. वंतारा सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाई कोर्ट और HPC के निर्देशों के लिए उनका आभारी है.

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