गुजरात के सूरत में महज डेढ़ साल के मासूम ने खेलते-खेलते 2 सेंटीमीटर लंबी खुली सेफ्टी पिन निगल ली. नुकीली पिन भोजन नली में जाकर फंस गई, जिससे बच्चे की जान पर बन आई. सूरत के न्यू सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की मुस्तैदी और दूरबीन तकनीक की वजह से बिना किसी चीर-फाड़ के महज 30 से 45 मिनट के भीतर इस पिन को बाहर निकाल लिया गया.
घटना सूरत के भेस्तान इलाके की है. मूल रूप से बिहार के रहने वाले कपड़ा मजदूर अरशद का डेढ़ साल का बेटा आयन घर में खेल रहा था. इस दौरान उसने जमीन पर पड़ी खुली सेफ्टी पिन उठाकर मुंह में डाल ली. पिन निगलते ही बच्चे को उल्टियां होने लगीं और वह तड़पने लगा.
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बिना सर्जरी डॉक्टरों ने निकाली
घबराए परिजन मासूम को तुरंत सूरत के न्यू सिविल अस्पताल ले गए. जांच और एक्स-रे में डॉक्टरों ने पाया कि 2 सेंटीमीटर लंबी खुली पिन भोजन नली के ऊपरी हिस्से में अटकी हुई है. पिन नुकीली होने की वजह से भोजन नली या श्वास नली के फटने का बड़ा खतरा था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए एंडोस्कोपी और फोरसेप्स का इस्तेमाल किया. डॉक्टरों की टीम ने बिना कोई ऑपरेशन या चीरा लगाए, मात्र 30 मिनट में सुरक्षित तरीके से सेफ्टी पिन को मुंह के रास्ते बाहर निकाल लिया.
प्राइवेट अस्पताल में इस इलाज का खर्च 50 से 60 हजार रुपये तक आ सकता था. इसे सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बिल्कुल मुफ्त और समय रहते इलाज देकर मासूम आयन को नया जीवन दिया है. अब आयन पूरी तरह स्वस्थ है और खाना-पीना शुरू कर चुका है.
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