गुजरात में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विस्तार पर रोक, कहां-कहां नहीं बनेंगे नए कॉरिडोर

गुजरात राज्य में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम विस्तार रोक दिया गया है। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट में नए कॉरिडोर अब नहीं बनेंगे। गुजरात बीआरटीएस सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य था।

Bus Rapid Transit System

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BRTS Service Stop In Gujarat: गुजरात मॉडल की जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। देश में ऐसी कई परियोजनाएं हैं जो सबसे पहले गुजरात में शुरू की गईं। गुजरात ऐसी अनेक परियोजनाओं का लाभार्थी है। अब तक कई यात्री इसका लाभ उठा चुके हैं। इतना ही नहीं, गुजरात के अन्य शहरों में भी बीआरटीएस शुरू किया गया है। हाल फिलहाल बीआरटीएस में सफर करने वाले लोगों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बीआरटीएस विस्तार रोका जा रहा है। अब कोई नया बीआरटीएस कॉरिडोर नहीं बनाया जाएगा। अहमदाबाद, सूरत-राजकोट के नए इलाकों में बीआरटीएस शुरू नहीं किया जाएगा। वर्तमान में बसों को मिश्रित यातायात में चलाया जा रहा है।

कब शुरू हुई थी सेवा

गुजरात में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) बस साल 2009 में शुरू की गई थी। इस साल अहमदाबाद के नागरिकों को पहली बीआरटीएस बस की सुविधा मिली। यह प्रयोग सफल होने पर धीरे-धीरे सूरत और राजकोट में भी बीआरटीएस सेवा शुरू कर दी गई। 20 साल बाद कुछ कारणों से अब यह परियोजना बंद हो रही है। नए बीआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में नए बीआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण भी रोक दिया गया है।

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कोरोना से पहले भी बंद थे कॉरिडोर

एक अधिकारी ने बताया कि बीआरटीएस के नए कॉरिडोर बनाने का काम कोरोना काल से पहले ही बंद कर दिया गया है। इसके बाद बसों को मिश्रित यातायात में ही चलाया जा रहा है। आखिरी बीआरटीएस कॉरिडोर अहमदाबाद के बोपल इलाके में बनाया गया था, जिसके बाद कोई नया कॉरिडोर नहीं बनाया गया है। इसी तरह सूरत और राजकोट में भी नए कॉरिडोर नहीं बनाए जा रहे हैं। बीआरटीएस बसें मिश्रित यातायात में चलाई जा रही हैं।

अहमदाबाद में नहीं बनाए जा रहे नए कॉरिडोर

जब बीआरटीएस सेवा शुरू हुई थी, तब शहर के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग कॉरिडोर बनाए गए थे। ये गलियारे बीआरटीएस को जल्दी और आसानी से गुजरने देने के लिए बनाए गए थे। खासतौर पर ट्रैफिक सिग्नल में बीआरटीएस के लिए अलग से सिग्नल दिया गया है।

हालांकि, अब प्रशासन की ओर से इस कॉरिडोर को बंद करने के पीछे कारण यह बताया गया है कि पहले रूट पर सड़कें पर्याप्त चौड़ी नहीं थीं, इसलिए बसें वहां से गुजर नहीं सकती थीं। इसलिए कॉरिडोर बनाए गए थे, लेकिन अब सड़कें बहुत चौड़ी हो गई हैं, तो इसलिए कॉरिडोर नहीं बनाए जा रहे हैं।

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