पंजाब से गुजरात जाने वालों के लिए आने वाले समय में सफर काफी आसान हो सकता है. अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय करीब 13 घंटे तक आने की उम्मीद है. अभी पुराने मार्ग से इस सफर में करीब 26 घंटे तक लग सकते हैं.
करीब 1,316 किलोमीटर लंबा छह लेन का यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगा. यह कॉरिडोर भारतमाला परियोजना का हिस्सा है और इसे देश के अहम आर्थिक मार्गों में शामिल किया गया है. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 80 हजार करोड़ रुपये बताई गई है.
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राजस्थान में सबसे लंबा हिस्सा
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है. यहां करीब 637 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है. हनुमानगढ़ से जालोर तक का हिस्सा चालू किए जाने की जानकारी है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट का करीब 85 से 90 फीसदी काम पूरा होने की बात कही गई है.
पूरे कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक खोलने की तैयारी है. इसके शुरू होने के बाद पंजाब से गुजरात के बीच सड़क संपर्क पहले के मुकाबले तेज और सुगम होने की उम्मीद है.
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अमृतसर से जामनगर तक बनेगा सीधा कॉरिडोर
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल अमृतसर से जामनगर की सड़क दूरी करीब 1,430 किलोमीटर है. पुराने रास्ते पर कई जगह यातायात का दबाव और दो लेन वाली सड़क होने के कारण यात्रा में ज्यादा समय लगता है.
नया एक्सप्रेसवे करीब 1,316 किलोमीटर लंबा होगा और छह लेन का होने के कारण सफर का समय घटकर करीब 13 घंटे तक आने का अनुमान है. यह कॉरिडोर पंजाब के कपूरथला जिले में टिब्बा गांव के पास से शुरू होकर गुजरात में जामनगर के रिफाइनरी परिसर के पास तक जाएगा.
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कारोबार और माल ढुलाई को भी मिलेगी रफ्तार
यह एक्सप्रेसवे केवल यात्रियों के लिए ही अहम नहीं है. इसके जरिए उत्तर भारत से गुजरात और पश्चिमी तट के औद्योगिक इलाकों तक सामान पहुंचाने में भी समय कम होने की उम्मीद है. रास्ते में कई बड़े शहर और औद्योगिक क्षेत्र इससे जुड़ेंगे.
परियोजना पूरी होने के बाद पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा. इससे लंबी दूरी की यात्रा के साथ-साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
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