Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में हुई प्लेन क्रैश दुर्घटना में 270 लोगों की जान चली गई। इन लोगों में भारतीय नागरिकों के अलावा ब्रिटिश अैर पुर्तगाली नागरिक भी शामिल रहे। प्लेन क्रैश जेडी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की छत पर हुआ। जिसके बाद चारों ओर क्षत-विक्षत शव और मलबा बिखर गया। अभी प्लेन क्रैश की वजह पता लगाने के लिए भारत, अमेरिका और ब्रिटेन की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इस बीच एक व्यापारी ने बड़ा दावा किया है। व्यापारी का दावा है कि उसे मलबे से लगभग 70 तोला सोना मिला।
70 तोला सोना और 70 हजार रुपये मिले
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अहमदाबाद के व्यवसायी राजेश पटेल ने ये दावा किया। राजेश पटेल के अनुसार, हमें बचाव के प्रयासों के दौरान मलबे से लगभग 70 तोला सोना और लगभग 70,000 रुपये नकद मिले। राजेश का कहना है कि उन्होंने इसे सरकारी अधिकारियों को सौंप दिया है। इस गोल्ड की कीमत लगभग 83 लाख रुपये हो सकती है।
आंखें जल रही थीं
व्यापारी ने आगे कहा- प्लेन क्रैश मेरे घर से 300 मीटर की दूरी पर हुआ। हमारे घर के पास एक डॉक्टर की एम्बुलेंस मौजूद थी। जिससे हम घटनास्थल पर पहुंचे। जब वहां पहुंचे तो चारों ओर आग और अंधेरा था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लपटें इतनी तेज थीं कि हमारी आंखें जल रही थीं। धुएं के कारण अंदर जाने की भी जगह नहीं थी।
इस तरह की कोशिश
जब आग थोड़ी ठंडी होने लगी तो हमने देखा कि हर जगह लोगों के शव पड़े थे। हम लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे ताकि हम उन्हें अस्पताल ले जा सकें। पूरे विमान का मलबा और शव एक ढेर में पड़े थे। हमने वहां पुरानी साड़ियों, दुपट्टों और गेहूं के लत्तों के साथ शवों को इकट्ठा करने में मदद की।
मिले ये सामान
व्यापारी ने कहा- फिर हमने देखा कि वहां लोगों का सामान भी बिखरा हुआ था। मलबे में हमें करीब 70-80 तोले सोने के अलावा जले हुए मोबाइल, ब्रिटिश, भारतीय पासपोर्ट, लैपटॉप और आईपैड मिले। हमें एक यात्री का मोबाइल चालू हालत में मिला। हालांकि इसकी स्क्रीन टूटी हुई थी। हमने इन्हें वहां के अधिकारियों को दे दिया। हमें गीता और भगवान कृष्ण की मूर्तियां भी मिलीं। हमने यह सब इकट्ठा किया और सरकारी अधिकारी को दे दिया। हालांकि मेरे पास उस जगह की एक भी तस्वीर नहीं है।
ब्लैक बॉक्स डैमेज
बता दें कि अहमदाबाद में हुए हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि ये काफी डैमेज हो गया है। इसलिए इसे अमेरिका भेजा गया है। ब्लैक बॉक्स से पता चलेगा कि आखिर हादसे का सच क्या है।