Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भयावह प्लेन क्रैश ने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। लंदन जाने वाला यह बोइंग 787 दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में से एक था, जो हादसे का शिकार हुआ तो उसमें सिर्फ 1 यात्री ही बच सका। बाकी यात्री और क्रू मेंबर्स को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। हालांकि, हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आखिर इसकी वजह क्या थी? क्यों अनुभवी पायलट और सुरक्षा के सभी आयामों को पास करने के बाद भी प्लेन क्रैश हुआ। इन सभी का जवाब सिर्फ एक ही चीज से पता लगाया जाता है ब्लैकबॉक्स। मगर एअर इंडिया के इस विमान का ब्लैक बॉक्स पूरी तरह ध्वस्त और राख हो चुका है। इसे डेटा रिकवरी के लिए अमेरिका भेजा जा सकता है।
क्यों भेजना पड़ा रहा अमेरिका?
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से ब्लैक बॉक्स को वॉशिंगटन में स्थित नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड को भेजा जाएगा क्योंकि यहां उससे डेटा रिकवरी नहीं हो पा रही है। इस प्रयोगशाला से डेटा रिकवर करके भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को भेजा जाएगा। हालांकि, जानकारी यह भी है कि NIB ने पिछले साल दिल्ली में एक प्रयोगशाला स्थापित की थी, जो एडवांस है, मगर वहां से डेटा निकालने में अब भी पूरी तरह संभव नहीं हो पाया है।
जांच में एक और देश शामिल
एअर इंडिया के बोइंग विमान जो अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, उसमें 53 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। इसलिए, यूनाइटेड किंगडम की एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच भी जांच टीम का हिस्सा होगा। बता दें कि यह विमान उड़ान भरने के कुछ सेकेंड में ही दुर्घटना का शिकार हो गया था।
ब्लैक बॉक्स में दो इकाइयां होती हैं- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर। इस बॉक्स को चमकीले नारंगी रंग में रंगा जाता है, जो दुर्घटना के दौरान कम से कम प्रभावित होने से बचने के लिए डिजाइन किया जाता है।