हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

गुजरात में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपी गई ड्राफ्ट रिपोर्ट

गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. उच्च स्तरीय समिति ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है, जिसमें विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में समान कानून का प्रस्ताव है.

विज्ञापन
Credit: News24

गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. मंगलवार को रिटायर्ड न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अपनी डिटेल्ड ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट को राज्य में कानून व्यवस्था और सामाजिक ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. समिति द्वारा तैयार की गई ये रिपोर्ट तीन अलग-अलग खंडों (वॉल्यूम्स) में बंटी हुई है. इसे तैयार करने से पहले कमेटी ने राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा किया, आम जनता से संवाद किया और विभिन्न समुदायों के लोगों की राय ली. इस प्रक्रिया के जरिए एक व्यापक और संतुलित ड्राफ्ट तैयार करने की कोशिश की गई है.

ये भी पढ़ें: थप्पड़ मारने पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, रद्द हुई 7 साल की सजा, पढ़ें क्या है गुजरात का मामला?

रिपोर्ट में और क्या खास है?

रिपोर्ट का सबसे खास पहलू ये है कि इसमें शादी, तलाक, गोद लेने और प्रॉपर्टी जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का सुझाव दिया गया है. इसका मकसद राज्य में समानता लाना और अलग-अलग पर्सनल लॉ की जटिलताओं को खत्म करना है. इसके अलावा, रिपोर्ट में महिलाओं के अधिकारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है. इसमें महिलाओं को समान अधिकार देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. खासतौर पर तलाक, संपत्ति में हिस्सेदारी और भरण-पोषण जैसे मामलों में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने के सुझाव दिए गए हैं.

विज्ञापन

समिति के प्रमुख सदस्य

रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि इसमें मुस्लिम महिलाओं और आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा का ध्यान रखा गया है. इससे ये साफ होता है कि कमेटी ने संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नजरिया अपनाने की कोशिश की है. इस उच्च स्तरीय समिति में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के अलावा रिटायर्ड IAS अधिकारी सी.एल. मीणा, वरिष्ठ अधिवक्ता आर.सी. कोडेकर, पूर्व वाइस चांसलर डॉ. दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ शामिल रहे. सभी सदस्यों ने अपने-अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर इस रिपोर्ट को तैयार करने में योगदान दिया है. अब राज्य सरकार इस ड्राफ्ट रिपोर्ट का गहन अध्ययन करेगी. इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि 25 मार्च को इसे विधानसभा में पेश किया जा सकता है या फिर इसे कानून के रूप में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. गौरतलब है कि उत्तराखंड पहले ही UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है. ऐसे में गुजरात देश का दूसरा प्रमुख राज्य बन सकता है जो इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा.
ये भी पढ़ें: गुजरात पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ, 2028-29 तक 5.66 लाख करोड़ पार करने का अनुमान

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola