Greater Noida News: गौतमबुद्ध नगर में 500 टैक्सी और बसों के परमिट रद्द, जानें क्यों हुआ एक्शन

Greater Noida News: परिवहन विभाग ने लंबे समय से लापरवाह चल रहे टैक्सी और बस चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 500 वाहन परमिट निरस्त कर दिए हैं। ये कदम उन परमिट धारकों के खिलाफ उठाया गया है, जिन्होंने समय पर परमिट का रिन्यूअल नहीं कराया था या जिनके वाहन पर अनेक चालान लंबित थे।

Taxi
विज्ञापन

Greater Noida News: परिवहन विभाग ने लंबे समय से लापरवाह चल रहे टैक्सी और बस चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 500 वाहन परमिट निरस्त कर दिए हैं। ये कदम उन परमिट धारकों के खिलाफ उठाया गया है, जिन्होंने समय पर परमिट का रिन्यूअल नहीं कराया था या जिनके वाहन पर अनेक चालान लंबित थे।

परिवहन आयुक्त हुए सख्त
परिवहन आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी में बताया गया कि यह कार्रवाई केवल जिले तक सीमित नहीं रही। प्रदेश स्तर पर कुल 8,322 वाहन परमिट रद्द किए गए हैं। इनमें से अधिकांश वाहन स्वामियों की ओर से नियमों की अनदेखी की जा रही थी। बार-बार चेतावनियों के बावजूद आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त नहीं कराए गए।

Advertisment

NGT के नियम का हवाला
परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने कहा कि विभाग अब एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के दिशा-निर्देशों को लेकर और भी सख्ती बरतेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जिन वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया गया है उन्हें सड़कों से पूरी तरह हटाने के निर्देश दिए गए है।

स्कूल वाहनों की सुरक्षा जरूरी
परिवहन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की नियमित जांच और निगरानी को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए हैं। सभी स्कूल वैन और बसों को फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक का वैध लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

नए परमिट और ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर पर फोकस
सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग ने समय-समय पर नए परमिट जारी करने के आदेश भी दिए है। इससे यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों के संचालन और प्रशिक्षण मानकों को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ