Election Commission SIR Notice: दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. चुनाव आयोग (EC) ने साफ किया है कि मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा. यह स्पष्टीकरण तब आया जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी जैसे कई प्रमुख चेहरों को भी नोटिस जारी होने की बात सामने आई.
आयोग ने क्या सफाई दी?
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल और प्रिंट मीडिया में जिस तरह की बातें चल रही हैं, वैसा कोई संकट नहीं है. आयोग ने कहा, “सभी हितधारकों को सूचित किया जाता है कि नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा. ECINET में डेटा सही करने के लिए ये सिस्टम-जनरेटेड नोटिस भेजे जा रहे हैं. बिना पक्ष सुने और बिना उचित आदेश पारित किए किसी भी मतदाता का नाम नहीं काटा जा सकता.”
किन-किन दिग्गजों को मिला नोटिस?
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में जानकारियों में विसंगतियों के चलते करीब 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं. इनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, भाजपा नेता कैलाश गहलोत, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एसएस संधू के नाम भी शामिल हैं. हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने बाद में स्पष्ट किया कि सीएम रेखा गुप्ता के विवरण का सत्यापन पहले पूरा हो चुका है.
क्यों भेजे गए नोटिस और आगे क्या होगा?
चुनाव आयोग ने 14 मई को दिल्ली में SIR अभियान शुरू किया था, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति जुड़े नहीं. 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में जिन मतदाताओं का डेटा पिछली गहन समीक्षा से पूरी तरह लिंक नहीं हो पाया या जिनके विवरण में गड़बड़ी दिखी, उन्हें ये नोटिस दिए गए हैं. मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेज संबंधित बीएलओ (BLO) या ईआरओ (ERO) के पास जमा कर सकते हैं. इन नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी, जिसके बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी.