मुख्य बातें:
- दिल्ली के सदर बाजार को हरियाणा शिफ्ट करने के प्रस्ताव को व्यापारियों ने सिरे से ठुकरा दिया है.
- व्यापारी दिल्ली में अपना बाजार कायम रखते हुए हरियाणा में सिर्फ कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं.
- सरकार की 125 एकड़ जमीन की पेशकश को सदर बाजार के 680 एकड़ के मुकाबले बहुत कम बताया गया है.
- भागीरथ पैलेस के व्यापारियों को राई और पलवल में जमीन देने और जल्द रजिस्ट्री शुरू करने का भरोसा मिला है.
- हरियाणा के नए औद्योगिक केंद्रों को नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा और वहां ट्रांसपोर्ट नगर भी विकसित होंगे.
Sadar Bazaar Shifting: दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध और सस्ता बाजार 'सदर बाजार' हरियाणा में शिफ्ट हो सकता है, लेकिन दिल्ली के व्यापारी इसके विस्थापन के पक्ष में नहीं हैं. दरअसल, हरियाणा सरकार दिल्ली के व्यापारियों और उद्योग जगत को अपने राज्य में निवेश और कारोबार विस्तार के लिए आकर्षित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी सिलसिले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में राजधानी की प्रमुख व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की. बैठक में आधुनिक ट्रेड हब, प्लॉट आवंटन, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि व्यापारियों की सहमति और सुझावों के आधार पर ही आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी.
सदर बाजार के व्यापारियों ने स्थानांतरण के प्रस्ताव पर क्या कहा?
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव के मुताबिक व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि वे हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार तो करना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली के ऐतिहासिक सदर बाजार को छोड़कर दूसरी जगह जाने का कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं करेंगे. इसके अलावा कन्फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव देवराज बावेजा ने सरकार के 125 एकड़ भूमि के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि करीब 680 एकड़ में फैले सदर बाजार की जरूरतों के हिसाब से यह जगह बहुत कम है, इसलिए सरकार को अधिक भूमि देने और बहुमंजिला इमारतों की जगह प्लॉट आधारित मॉडल पर विचार करना चाहिए.
दिल्ली के अन्य बड़े बाजारों के प्रतिनिधियों ने क्या मांगे रखीं?
इस महत्वपूर्ण बैठक में सदर बाजार के अलावा ओल्ड लाजपत राय मार्केट, भागीरथ पैलेस, किराना कमेटी दिल्ली, मार्बल मार्केट और नारायणा लोहा मंडी जैसे बड़े व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. व्यापारियों ने मांग रखी कि हरियाणा में ऐसी टाउनशिप विकसित की जाए जहां आधुनिक वेयरहाउस, चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर परिवहन नेटवर्क हो. मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) के अधिकारियों को जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
भागीरथ पैलेस के कारोबारियों को लेकर क्या बड़े फैसले हुए?
दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के अनुसार भागीरथ पैलेस के व्यापारियों के लिए बड़ी उम्मीद जगी है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जिन संस्थाओं को आवंटन पत्र मिल चुके हैं, उनके लिए अगले तीन महीनों में लेआउट प्लान तैयार कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके अलावा राई, पलवल और बहादुरगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी भूमि उपलब्ध कराने की संभावना है. व्यापारियों ने फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 1.5 से बढ़ाकर 2 करने की मांग भी उठाई है, जिस पर अधिकारियों ने कहा कि बेसमेंट को एफएआर में शामिल नहीं किया जाएगा.
हरियाणा में कैसा होगा नया ट्रेड हब?
हरियाणा सरकार राई, पलवल, मानेसर, बहादुरगढ़ और सोनीपत में आधुनिक व प्रदूषण-मुक्त औद्योगिक केंद्र विकसित कर रही है. अधिकारियों के अनुसार करीब डेढ़ महीने में रजिस्ट्रियों का काम शुरू होगा और डेढ़ साल में प्लॉट पूरी तरह विकसित कर दिए जाएंगे. इस पूरे परिसर को नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा, जहां प्रवेश द्वार पर माल उतारने के बाद ई-कार्ट से दुकानों तक सामान भेजा जाएगा. ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने इन सभी व्यापारिक केंद्रों में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने पर भी अपनी सहमति दे दी है.
निष्कर्ष:
दिल्ली के सदर बाजार को पूरी तरह शिफ्ट करना भले ही मुमकिन न हो, लेकिन हरियाणा सरकार की यह पहल व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने का एक शानदार मौका दे रही है. आपसी सहमति और सही प्लानिंग से यह प्रोजेक्ट देश का बड़ा व्यापारिक केंद्र बन सकता है.