Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग के बाद सोशल मीडिया पर एक अनजान शख्स की खूब चर्चा हो रही है. उनका असली नाम तो अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन लोग उन्हें सम्मान से 'गद्दे वाला अंकल' कहकर बुला रहे हैं. इस शख्स ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से कई लोगों की जिंदगी बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई. चश्मदीद आसिफ ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे आग लगते ही पूरे होटल में अफरा-तफरी मच गई थी. लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से बाहर लटक गए थे और नीचे खड़े लोगों से मदद की गुहार लगा रहे थे.
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धुएं के गुबार के बीच जिंदगी की जंग
चश्मदीद आसिफ के मुताबिक वह उसी इलाके में मौजूद थे जब अचानक चारों तरफ शोर मचने लगा कि होटल में आग लग गई है. वे जैसे ही बाहर निकले तो देखा कि पूरी बिल्डिंग से काले और घने धुएं का गुबार निकल रहा था. होटल की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल की खिड़कियों और बालकनी से लोग लटक रहे थे और चिल्ला रहे थे कि हमें बचा लो. होटल की सबसे बड़ी कमी यह थी कि वहां अंदर जाने और बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था. कोई दूसरा इमरजेंसी एग्जिट न होने के कारण वही इकलौता रास्ता आग की चपेट में आ चुका था, जिससे बाहर निकलना नामुमकिन हो गया था.
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गद्दे वाले अंकल का गजब का जुगाड़
होटल के अंदर फंसे ज्यादातर लोग विदेशी नागरिक थे, जो इलाज कराने के लिए दिल्ली आए हुए थे और कुछ भारतीय भी वहां ठहरे थे. इसी बीच सामने की गली में मौजूद एक गद्दे की दुकान वाले अंकल के रूप में लोगों को उम्मीद की किरण दिखी. जैसे ही उस दुकानदार को पता चला कि लोग जान बचाने के लिए ऊपर से नीचे कूदने की कोशिश कर रहे हैं, तो उसने बिना एक पल गंवाए अपनी दुकान के सारे गद्दे उठाए और ठीक उसी जगह गली में बिछा दिए जहां से लोग कूद रहे थे. पहली मंजिल पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाई और उन गद्दों पर छलांग लगा दी, जिससे वे सुरक्षित नीचे आ गए.
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स्थानीय लोग और एम्बुलेंस ने मिलकर बचाई जान
जब लोग ऊपर से कूद रहे थे, तब स्थानीय लोग नीचे खड़े होकर उन्हें संभालते रहे और तुरंत उठाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाते रहे. आसिफ ने बताया कि होटल के पास ही अस्पताल होने की वजह से एम्बुलेंस भी बहुत तेजी से मौके पर पहुंच गई थी, जिससे घायलों को तुरंत इलाज मिल सका. फायर ब्रिगेड की टीम भी कुछ ही देर में वहां पहुंच गई थी, लेकिन तब तक आग नीचे के रास्ते से फैलते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंच चुकी थी. अगर गद्दे वाले अंकल ने समय पर सूझबूझ न दिखाई होती, तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था.
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