साउथ दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास बीते दिन (शनिवार) एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई. हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर पर कोचिंग सेंटर चल रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर काम भी हो रहा था. इस घटना में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) और नीट-पीजी की तैयारी कर रहे कई युवा डॉक्टर प्रभावित हुए हैं. फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स के प्रेसिडेंट डॉ. जसवंत ने बताया कि अब तक 9 से 10 लोगों को बचाया जा चुका है.

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उन्होंने बताया कि हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं. बाकी फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है, लेकिन रेस्क्यू टीम को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

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इलाके में दहशत का माहौल

डॉ. जसवंत ने कहा कि मौके पर भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है. उन्होंने चिंता जताई कि अगर क्रेन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो बाकी लोगों का क्या होगा? सभी के माता-पिता बेहद चिंतित हैं. चिकित्सा समुदाय इस घटना से बहुत दुखी और स्तब्ध है. कई युवा डॉक्टर जो चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए मेहनत कर रहे थे, इस हादसे का शिकार हो गए.

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उन्होंने कहा कि कुछ शव सफदरजंग अस्पताल लाए गए. इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले युवाओं के परिवारों, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है.

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दिल्ली पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. इमारत में कोचिंग, पीजी, आफिस, कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं. शाम के समय आफिस बंद हो गया था. वीकेंड व शाम का वक्त होने की वजह से ज्यादातर लोग बाहर गए हुए थे.

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