हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

तिहाड़ में कैसे बीती आशुतोष रांका और सौरव दास की पहली रात, अलग-अलग बैरक क्यों रखा गया?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका अब 5 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं. तिहाड़ जेल में सौरव दास और आशुतोष रांका को आम कैदियों की तरह जमीन पर सोना पड़ा और खाने में दाल-रोटी मिली. सुरक्षा और आपसी बातचीत रोकने के लिए दोनों नेताओं को जेल नंबर 2 और 4 की अलग-अलग सेल में रखा गया है.

विज्ञापन
CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात तिहाड़ जेल में काफी बेचैनी भरी रही. Credit: ANI

जंतर-मंतर पर शांति व्यवस्था भंग करने के कारण’कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात तिहाड़ जेल में काफी बेचैनी भरी रही. अदालत द्वारा 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दोनों नेताओं को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ लाया गया. जेल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोनों के साथ आम विचाराधीन कैदियों जैसा ही व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी गई है.
तिहाड़ जेल प्रशासन ने सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साथ रखने के बजाय अलग-अलग बैरक में बंद किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव दास को जेल नंबर 2 और आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है. यह फैसला दोनों नेताओं की सुरक्षा, अन्य कैदियों के साथ संभावित टकराव टालने और नए कैदियों से होने वाली वसूली या मारपीट के खतरे को देखते हुए लिया गया है. अलग बैरक होने के कारण दोनों आपस में बातचीत भी नहीं कर सकेंगे.

यह भी पढ़ें : अभिजीत दीपके के ‘मेंटर’ अजिंक्य शिंदे 5000 रुपए के बॉन्ड पर रिहा, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा तिहाड़?

जमीन पर बिछाया कंबल, मिला सामान्य खाना

तिहाड़ जेल अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेताओं को रात के भोजन में अन्य कैदियों की तरह दाल, रोटी और सब्जी दी गई. सोने के लिए कोई खास बिस्तर नहीं मिला, बल्कि उन्हें जमीन पर कंबल बिछाकर ही रात काटनी पड़ी.

विज्ञापन

जेल के अंदर ब्लेडबाजी का भी डर

जेल अधिकारी ने कहा, ‘सौरव दास और आशुतोष रांका की कोठरियों के बाहर चौबीसों घंटे पुलिस तैनात की गई है ताकि नजर रखी जा सके. ऐसा इसलिए क्योंकि अंदर ब्लेडबाजी जैसी कई घटनाओं की संभावना बनी रहती है’. सुरक्षा कारणों से दोनों नेताओं की आवाजाही पूरी तरह सीमित रखी गई है. उनकी सेल के बाहर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. हालांकि, नियमों के तहत उनकी सेल में अखबार, टेलीविजन और अटैच शौचालय की व्यवस्था है. सुबह-शाम पुलिसकर्मियों की कड़ी निगरानी में उन्हें अपने वार्ड में सीमित समय के लिए टहलने की अनुमति दी जाएगी.

क्या हैं तिहाड़ जेल के नियम?

तिहाड़ जेल में कैदी सुबह 5 बजे उठते हैं और उसके बाद सुबह 6 बजे हाजिरी होती है. नाश्ता सुबह 7 बजे दिया जाता है. दोपहर का खाना सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच परोसा जाता है. इसके बाद आगंतुकों से मिलने के लिए कुछ समय दिया जाता है. रात का खाना शाम 6.30 बजे जल्दी परोस दिया जाता है और कैदियों की गिनतीपूरी होने के बाद शाम 7 बजे उन्हें वापस बंद कर दिया जाता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास फिर दिल्ली पुलिस की हिरासत में, जंतर-मंतर पहुंचे थे दोनों

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola