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Tihar Jail: अभेद्य किला है केजरीवाल का नया ठिकाना, 3 लेयर में होगी सुरक्षा, जाने क्यों कहते हैं ‘तिहाड़ आश्रम’

Tihar Jail: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 15 अप्रैल तक तिहाड़ जेल में भेजा गया है। जेल में करीब 6000 कैदियों की क्षमता है। साल 1986 में सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज यहां से फरार हो गया था। इस जेल में एक सुधार गृह है, जहां कैदी पढ़ाई करने के अलावा रोजगारपरक काम सीखते हैं।

Tihar Jail: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। जेल का नाम आते ही हमारे जहन में छोटे, गंदे-बदबूदार कमरे सलाखें और कुख्यात अपराधियों की छवि आती है, लेकिन ऐसा नहीं है। जेल ऐसी जगह है जहां अंडर ट्रायल (जिनके केस कोर्ट में विचाराधीन है) और सजायाफ्ता (जो किसी अपराध में दोषी) कैदी होते हैं।

कैसे नाम पड़ा 'तिहाड़ आश्रम'

तिहाड़ जेल साल 1957 में बनकर तैयार हुई थी। यह जेल तिहाड़ गांव के खेतों का अधिग्रहण कर बनाई गई थी, जिस वजह से इसे गांव का नाम दिया गया। IPS किरण बेदी ने अपनी तैनाती के दौरान तिहाड़ जेल में कई सुधार कार्य किए थे, जिससे इसका नाम 'तिहाड़ आश्रम' पड़ा। किरण बेदी ने जेल में सुधार गृह खोला। जहां कैदियों को पढ़ने के अलावा बेकरी, हैंडलूम, सरसों तेल, हस्तनिर्मित सामग्रियां, जूट के बैग, हर्बल प्रोडक्ट और कैंडल आदि बनाना सिखाया जाता है।

तिहाड़ जेल में रेडियो स्टेशन 

तिहाड़ जेल में एक रेडियो स्टेशन चलता है। यह जेल करीब 400 एकड़ में फैली है। पूरी जेल में 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरा लगे हैं। जेल को 9 भागों में बांटा गया है। यहां दो महिला जेल हैं। जेल के अलग-अलग भागों में हाईप्रोफाइल, आईसोलेशन, वीआईपी और अपराध की श्रेणी के हिसाब से बैरक और सुविधाएं होती हैं। अरविंद केजरीवाल को जेल नंबर 2 में रखा गया है।

जेल में तीन लेयर की सिक्योरिटी 

जानकारी के अनुसार जेल में केजरीवाल के आसपास के बैरक में मनीष सिसौदिया, के.कविता समेत अन्य वीआईपी लोग हैं। बता तिहाड़ जेल के गेट पर अर्धसैनिक बलों की टुकड़ी सुरक्षा में तैनात रहती है। इसके बाद अंदर दिल्ली पुलिस फिर जेल प्रशासन के अधिकारी ड्यूटी पर रहते हैं।

विवादों से घिरी रही तिहाड़ जेल

जानकारी के अनुसार तिहाड़ जेल में करीब 6000 कैदियों की क्षमता है। लेकिन यहां 10000 से अधिक कैदी हैं। अक्सर यह जेल कैदियों की मारपीट, सुसाइड आदि कारणों से सुर्खियों में रहती है। बड़ी घटनाओं की बात करें तो साल 1986 में सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज यहां से फरार हो गया था। 2015 में दो कैदियों फैजान और जावेद ने जेल की दीवार के नीचे से 10 फीट की सुरंग खोदी थी। मई 2023 में यहां गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या की गई थी।


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