हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'उचित स्थान पर हो रहे प्रदर्शन जायज, अगर कुछ असामाजिक तत्व हों तो...,' सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सरकार को सौंप दिया था. जिसके बाद यह प्रदर्शन खत्म हुआ. लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों पर BNS की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए थे जिन पर आज SC में सुनवाई हुई.

विज्ञापन

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन और उसमें शामिल कई छात्रों पर कई धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे. जिनकी सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. इस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘केवल agitation होने के कारण पुलिस की जरूरत से ज्यादा कार्रवाई जायज नहीं ठहराई जा सकती है.’

इस दौरान कोर्ट ने पुलिस अत्याचार पर भी सवाल उठाए और इसे लेकर चिंता जाहिर की. न्यायालय ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है, जिसमें पुलिस कर्मियों का जीवन भी शामिल है. कोर्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन-संबंधी एक समान प्रोटोकॉल तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. न्यायालय ने संबंधित पक्षों से अपने-अपने पक्ष अदालत के सामने रखने का निर्देश दिया है. वहीं, अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की गई है.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार हर नागरिक को- SC

देशभर में पेपर लीक के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शन के संदर्भ में आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर नागरिक का शांतिपूर्ण रूप से विरोध करने का अधिकार संवैधानिक रूप से सुनिश्चित है और उसे संरक्षित किया जाना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों दोनों की ओर से हुई किसी भी अतिशयोक्ति की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.

विज्ञापन

पुलिस कर्मियों को सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए गए थे- SC

वहीं, खंडपीठ ने यह भी कहा, ‘प्रदर्शनकारियों और पुलिस दोनों के घायल होने की भी चिंता न्यायालय को है. पुलिस की तरफ से हुए एक्शन की भी जांच होनी चाहिए. सरकारों को यह भी बताना होगा कि उन पुलिस कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (गियर) क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए, जो हिंसक प्रदर्शनकारियों द्वारा घायल हुए?’

यह भी पढ़ें- CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स

विज्ञापन

सभी याचिकाओं की सुनवाई मंगलवार के लिए पोस्टपोन

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर जोर देते हुए अदालत ने कहा, ‘आंदोलन का अर्थ लाठीचार्ज नहीं होता और आंदोलन का अर्थ हिंसा भी नहीं होता.’ सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले पर देशव्यापी रूप से एक समान दिशानिर्देश बनाना आवश्यक है, जिसे पेटिशनदाताओं या सरकारों द्वारा विरोधात्मक तरीके से नहीं अपनाया जाना चाहिए.’

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola