महिला आरक्षण को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है. नारी बंधन अधिनियम संशोधन बिल पारित नहीं होने के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर हमला अलग-अलग तरीके से बोलना शुरू कर दिया है. महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक्सक्लूसिव बातचीत में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुलकर विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने न सिर्फ बिल का विरोध किया, बल्कि सदन में उसके गिरने पर जश्न भी मनाया.

रेखा गुप्ता ने कहा कि देश की महिलाओं ने यह पूरा घटनाक्रम देखा है और अब यह साफ हो गया है कि कौन महिला सशक्तिकरण के साथ है और कौन नहीं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आजादी के इतने सालों बाद भी महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का पूरा अधिकार नहीं मिला, तब विपक्ष ने इस बिल को रोकने का काम क्यों किया? उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की थी कि महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33% आरक्षण मिले, लेकिन विपक्ष ने इसमें अड़ंगा लगाया.

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उनके मुताबिक, अगर विपक्ष साथ देता तो काली पट्टी बांधकर आज विरोध करना पड़ रहा है. इस देश की आधी आबादी वर्षों से इस बिल के पास होने का इंतजार कर रही थी, उन्हें निराशा हाथ लगी, विपक्ष के विरोध का तरीका और बिल गिरने के बाद जश्न मनाना, आज हर महिला हैरान है.

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उन्होंने कहा, क्रेडिट नहीं लेना था, पॉलिटिकल नेरेटिव नहीं सेट करना चाहते थे, विपक्ष वर्षों से सरकार में था, आपने बिल को फाड़ा और नकारा, ये आपके अंदर की कुंठा थी. विपक्ष को डर था कि एक साधारण महिला कहीं, इनकी कुर्सी ना लें लें. विपक्ष को पुरुष प्रतिनिधियों की चिंता है, महिलाओं का नहीं. आप कभी कोटा में कोटा की बात करते है, कभी मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की. हम कुछ भी कर लें ये महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते. सीएम ने कहा कि 1971 में देश में 543 सीटे थी, इतने वर्षों में जनसंख्या कहां से कहां पहुंच गई लेकिन अभी भी उसी पर महिलाओं को आरक्षण देना चाहते है. अपनी गद्दी ना खिसक जाए इसका डर विपक्ष को सता रहा है.

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