Delhi Traffic Update: दिल्ली में रहने वाले और रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली की सबसे भीषण जाम वाली तीन प्रमुख सड़कों को अब नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI जाम-फ्री बनाने जा रहा है. दिल्ली सरकार के खास अनुरोध पर एनएचएआई ने इन सड़कों की फीजिबिलिटी चेक करने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR बनाने का काम शुरू कर दिया है. इस योजना के तहत इन रास्तों पर नए फ्लाईओवर, अंडरपास और सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा. इससे न सिर्फ लोगों के सफर का समय बचेगा, बल्कि भारी मात्रा में ईंधन की बचत होगी और दिल्ली के प्रदूषण में भी कमी आएगी.

कैसे फरीदाबाद-आगरा जाना होगा आसान?

इस लिस्ट में पहला नाम मथुरा रोड का है, जो दशकों से दिल्ली की सबसे सिरदर्द बनी सड़कों में से एक है. इंडिया गेट से बदरपुर तक जाने वाला यह 15 किलोमीटर लंबा रास्ता दक्षिण दिल्ली को फरीदाबाद और आगरा से जोड़ता है. इस रोड पर रोजाना पीक आवर्स के अलावा दोपहर में भी गाड़ियों की रफ्तार थमी रहती है. मौजूदा समय में इस पूरी सड़क पर 7 लालबत्तियां हैं, जिनकी वजह से हर वक्त गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. एनएचएआई की नई योजना से इस रूट का ट्रैफिक पूरी तरह स्मूथ हो जाएगा और लोग बिना रुके सीधे अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकेंगे.

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इन 2 सड़कों को भी मिलेगा जाम से परमानेंट छुटकारा

दूसरा सबसे व्यस्त और बदहाल रास्ता टीकरी बॉर्डर मार्ग यानी रोहतक रोड है. पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए हरियाणा बॉर्डर तक जाने वाली यह 17 किलोमीटर लंबी सड़क भारी गाड़ियों और किनारे बनी दुकानों के कारण हमेशा जाम रहती है. यहां गाड़ियां 10 से 20 की स्पीड पर रेंगने को मजबूर होती हैं. वहीं, तीसरी सड़क दिल्ली को गुरुग्राम से जोड़ने वाला एमजी रोड है. अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर तक का यह 18 किलोमीटर लंबा मार्ग लाखों लोगों की लाइफलाइन है, लेकिन अपनी 4 प्रमुख लालबत्तियों के कारण हमेशा कुख्यात रहा है. अब इन दोनों रास्तों को पूरी तरह से सिग्नल-फ्री और चौड़ा करने की तैयारी है.

दिल्ली-एनसीआर को मिलेगा बड़ा फायदा

इन तीनों प्रमुख मार्गों के जाम-मुक्त होने से केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है. गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ जैसे शहरों के बीच रोजाना की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनने के बाद इन रास्तों पर यात्रा का समय करीब 30 से 40 परसेंट तक घट जाएगा. सड़कों पर गाड़ियों के न रुकने से ईंधन की बर्बादी रुकेगी, जिससे लोगों की जेब पर बोझ कम होगा. कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गेम चेंजर साबित होगा.