मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद में पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है. आज संसद भवन के मकर द्वार पर NDA गठबंधन ने कांग्रेस के धरने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. वहीं INDIA ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और CJP के संसद मार्च में लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. विपक्ष मानसून सत्र में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग पर अड़ा है, इस वजह से 4 दिन मानसून सत्र की कार्यवाही भी नहीं चल पा रही है. सत्र के 4 दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ गए.

---विज्ञापन---

20 जुलाई को शुरू हुआ था मानसून सत्र

बता दें कि 20 जुलाई 2026 को संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ था, लेकिन पहले ही दिन सदन शुरू होते ही विपक्ष ने पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की मांग की. स्पीकर ने मांग अनसुनी करके प्रश्नकाल शुरू किया तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया. विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की. स्पीकर के समझाने पर भी विपक्ष नहीं माना तो सदन स्थगित कर दिया गया. 3 बजे तक भी सदन नहीं चल पाया और कार्यवाही स्थगित होती रही. राज्यसभा में भी यही स्थिति है और 4 दिन से मानसून सत्र इसी तरह विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ रहा है.

---विज्ञापन---

कॉकरोच जनता पार्टी ने किया संसद मार्च

मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर से संसद मार्च निकाला, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति वाला मार्च कहते हुए प्रदर्शनकारियों को रोका. सबसे पहले पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव जंतर-मंतर पर हुआ. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर ही रोकने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया. इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े और संसद भवन तक पहुंचे, लेकिन विजय चौक और कनॉट प्लेस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का आंसू गैस के गोलों और लाठीचार्ज से दमन किया.

---विज्ञापन---

पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का धरना

मानसून सत्र की दूसरी दिन की कार्यवाही ठप कराने के बाद कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धरना दिया. मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता, सांसद, कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ गए. इस धरने का भी पुलिस को हिंसक तरीके से दमन करना पड़ा. 100 से ज्यादा पुलिस कर्मियों ने घेरा बनाकर पहले कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. फिर बारी-बारी पहले राहुल गांधी और फिर प्रियंका गांधी को जबरन हिरासत में लेकर बस में डालकर थाने तक ले गई.

---विज्ञापन---