दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रहे मनीष सिसोदिया को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। आबकारी नीति में अनियमितताओं के मामले में उनकी जमानत अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया था। इसे लेकर उन्होंने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। लेकिन शीर्ष अदालत ने अब उनकी इस याचिका को भी रद्द कर दिया है।
उनकी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायधीश एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि इसमें पुनर्विचार का कोई मामला नहीं बनता है। इससे पहले 30 अक्टूबर को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया को जमानत देने से भी इनकार कर दिया था। बता दें कि उन पर शराब नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है।
26 फरवरी को गिरफ्तार किए गए थे सिसोदिया
सिसोदिया को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को बनाने और उसे लागू करने में किए गए कथित भ्रष्टाचार को लेकर इस साल 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले इस मामले में शीर्ष अदालत सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की ओर से दर्ज कराए गए मामलों में भी सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
नवंबर के पहले सप्ताह में इस फैसले को भी सिसोदिया ने एक पुनर्विचार याचिका के जरिए चुनौती दी थी लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया था। हालांकि 30 अक्टूबर को अपने फैसले में कहा था कि ट्रायल छह से आठ महीने में पूरा हो जाना चाहिए। अगर ट्रायल की प्रक्रिया धीमी रहती है तो सिसोदिया तीन महीने में फिर से जमानत याचिका दाखिल कर सकेंगे।
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