मुख्य बातें:
- एलजी चौक से नोएडा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला नया सीधा रास्ता अगले महीने अगस्त में शुरू हो जाएगा.
- इस नए लिंक रोड के चालू होने से यात्रियों का 16 किलोमीटर लंबा सफर घटकर मात्र 5 मिनट का रह जाएगा.
- हिंडन नदी पर 62 करोड़ रुपये की लागत से 290 मीटर लंबा एक नया छह लेन का पुल बनाया गया है.
- इस प्रोजेक्ट से ग्रेटर नोएडा के लगभग 5 लाख दैनिक यात्रियों को परी चौक के जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी.
- बेहतर कनेक्टिविटी के चलते नॉलेज पार्क और सेक्टर 146 के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतों में 13% तक की बढ़ोतरी हुई है.
Delhi NCR Traffic: ग्रेटर नोएडा से दिल्ली और नोएडा आने-जाने वाले लाखों कामकाजी लोगों और छात्रों का सफर अब बहुत छोटा और आसान होने जा रहा है. महीनों की लगातार मेहनत के बाद एलजी चौक से नोएडा एक्सप्रेसवे तक का नया सीधा मार्ग अगले महीने यानी अगस्त में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इस नए रास्ते के शुरू होने से दोनों मुख्य जगहों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र पांच मिनट रह जाएगा, जबकि पहले लोगों को 16 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था. रोजाना आने-जाने वाले लगभग पांच लाख यात्रियों के लिए इस मार्ग के खुलने का सीधा मतलब कम ट्रैफिक सिग्नल, ईंधन की बड़ी बचत और सफर के दौरान मानसिक शांति मिलना है.
हिंडन नदी पर बना छह लेन का आधुनिक पुल
यह नया खंड मात्र एक साधारण सड़क नहीं है बल्कि दो शहरों की दूरियों को मिटाने वाला एक विशाल 2,090 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा कनेक्टिंग मार्ग है. इस पूरे प्रोजेक्ट में हिंडन नदी पर बना छह लेन का एक आधुनिक पुल भी शामिल है, जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य पुल निगम ने लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से किया है. इस पूरे प्रोजेक्ट को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने संयुक्त रूप से तैयार किया है ताकि परी चौक के आसपास लगने वाले भारी जाम से बचा जा सके. इस सीधे लिंक के बनने से सूरजपुर, कलेक्ट्रेट, कसना और गामा-बीटा जैसे प्रमुख सेक्टरों के वाहनों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक रास्ता मिल गया है.
एलजी चौक कॉरिडोर के आसपास बढ़े प्रॉपर्टी के दाम
नोएडा एक्सप्रेसवे से दूरी मात्र पांच मिनट की रह जाने की वजह से एलजी चौक, नॉलेज पार्क और उसके आसपास के सेक्टरों में जमीन और फ्लैट खरीदने वालों का नजरिया पूरी तरह बदल गया है. स्थानीय प्रॉपर्टी ब्रोकर्स का कहना है कि जब से इस पुल का निर्माण शुरू हुआ है, तब से घरों की पूछताछ और खरीद-बिक्री में बड़ी तेजी आई है. लोग इस कॉरिडोर में निवेश करने को लेकर काफी उत्साहित हैं क्योंकि यहाँ से नोएडा और दिल्ली में नौकरियों तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है. इस नए मार्ग के प्रभाव और वर्तमान बाजार के रुझानों को नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है.
| प्रमुख इलाका और प्रॉपर्टी | औसत दर (तिमाही 2026) | सालाना बदलाव | बाजार का मुख्य रुझान और अंतर्दृष्टि |
| नॉलेज पार्क-III में फ्लैट | ₹7,200-₹7,900/वर्ग फुट | +13% | पुल से सीधा संपर्क, छात्रों के रहने के लिए सबसे बेस्ट जगह |
| नोएडा के सेक्टर 146 में प्रॉपर्टी | ₹8,800-₹9,600/वर्ग फुट | +10% | एक्वा लाइन मेट्रो और नया लिंक होने से निवेशकों की भारी रुचि |
| परी चौक में फ्लैट | ₹6,400-₹7,100/वर्ग फुट | +8% | ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत, खुदरा व्यापार में उछाल |
| सेक्टर गामा 1 में संपत्तियां | ₹6,000-₹6,700/वर्ग फुट | +11% | 16 किलोमीटर लंबे चक्कर से बचाव, एंड-यूजर की मांग बढ़ी |
अप्रोच रोड का काम आखिरी चरण में, दिल्ली के पास जमीन अधिग्रहण मामले में आई तेजी
इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत हिंडन पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ अंतिम फिनिशिंग का काम ही बाकी रह गया है. नोएडा प्राधिकरण अगले एक महीने के भीतर अपनी तरफ की अप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लेगा. वहीं दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा प्रशासन को दिल्ली की सीमा में आने वाली 100 मीटर निजी जमीन का अधिग्रहण करना पड़ा है, जिस पर काम तेजी से जारी है. हालांकि दिल्ली वाले उस छोटे हिस्से का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन यात्रियों की सहूलियत के लिए मुख्य मार्ग को अगले महीने ही चालू कर दिया जाएगा.
फिल्म सिटी और नोएडा एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने का प्लान
यह नया लिंक रोड दोनों शहरों को आपस में जोड़ने वाली एक बहुत बड़ी योजना का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्रशासन आने वाले समय में हिंडन अप्रोच रोड, गौर चौक अंडरपास और गंगा एक्सप्रेसवे से नए कनेक्शन बनाने पर भी लगातार जोर दे रहे हैं. प्रशासन का मुख्य मकसद दोनों शहरों के बीच के अंतर को पूरी तरह समाप्त करना और सुगम यातायात व्यवस्था बहाल करना है. जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने और फिल्म सिटी की बड़ी योजनाओं को देखते हुए दोनों शहरों के बीच पूर्व से पश्चिम का यह आवागमन भविष्य के लिए बेहद जरूरी और लाइफलाइन साबित होने वाला है.
निष्कर्ष:
एलजी चौक-नोएडा एक्सप्रेसवे का यह सीधा लिंक दिल्ली-एनसीआर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. इससे न केवल लाखों लोगों का कीमती समय और ईंधन बचेगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा के इलाकों में विकास और रियल एस्टेट निवेश की रफ्तार भी दोगुनी हो जाएगी.