Commercial Cylinder New Update: दिल्ली सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर बांटने के लिए एक पॉलिसी जारी की है। खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 14 मार्च को पॉलिसी जारी की गई थी, जिसमें केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बारे में बताया गया और ऐलान किया गया कि दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों की दैनिक खपत का 20 प्रतिशत, यानी लगभग 1800 सिलेंडर 3 ऑयल कंपनियों (OMCs) के जरिए बांटे जाएंगे।
प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर ऐसे बांटे जाएंगे
प्राथमिकता के आधार पर 8 क्षेत्रों की पहचान सिलेंडर देने के लिए की गई है। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे और हवाई अड्डों को प्राथमिकता सूची में सबसे पहले नंबर पर रखा गया है। इन सेक्टरों को रोज की जरूरत की 100% गैस मिलेगी। इनके लिए कुल सिलेंडर का 11 प्रतिशत यानी 200 सिलेंडर दैनिक खपत के अनुसार तय किए गए हैं। सरकारी और PSU संस्थानों, विभागों और उनके कैंपस में चलने वाली कैंटीनों को दूसरे पर रखा गया और इन्हें 13% यानी 236 सिलेंडर मिलेंगे।
रेस्टोरेंट और भोजनालयों को प्राथमिकता सूची में 3 पर रखा गया है और इन्हें 42% यानी 762 सिलेंडर मिलेंगे। इसके बाद होटलों, गेस्ट हाउस और ट्रस्ट को 4% यानी 72 सिलेंडर मिलेंगे। डेयरी, बेकरी और मिठाई की दुकानों को 11% यानी 200 सिलेंडर मिलेंगे। कैटरर्स और बैंक्वेट हॉल को 9% यानी 162 सिलेंडर मिलेंगे। ड्राई क्लीनिंग, पैकेजिंग, फार्मास्युटिकल को 1% यानी 18 सिलेंडर मिलेंगे। खेल सुविधाओं, स्टेडियम और अन्य को 8% यानी 150 सिलेंडर मिलेंगे।
तीनों ऑयल कंपनियों में सिलेंडरों की संख्या बंटी
कमर्शियल सिलेंडरों की उपरोक्त डिमांड को भी 3 कंपनियों में बांटा गया है। जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) 58% सिलेंडर डिलीवर करेगी। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) 27% और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) 15% सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। सप्लाई 19 किलो के सिलेंडर की जाएगी। 5 किलो वाले सिलेंडरों में कोई सप्लाई नहीं की जाएगी, क्योंकि उनका वितरण LPG गैस एजेसियों के जरिए नहीं किया जाता है।
LPG Cylinder Booking: LPG संकट में बिना फोन किए ऐसे बुक करें सिलेंडर, तुरंत पहुंचेगा घर
जमाखोरी रोकने के लिए बनाया गया विशेष नियम
सिलेंडर बुकिंग रिक्वेस्ट के आधार पर मिलेंगे। First-In-First-Out (FIFO) के आधार पर सिलेंडर मिलेगा। जमाखोरी को रोकने और सिलेंडरों का सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक नियम बनाया गया है। हर उपभोक्ता को सप्लाई की जाने वाली रोज की मात्रा पिछले 3 महीनों के दौरान की गई बुकिंग और खपत के आधार पर तय की जाएगी, जैसा कि OMC के सॉफ्टवेयर सिस्टम में दर्ज है। सप्लाई उतनी ही दी जाएगी, जितनी सेक्टर वाइज तय की गई है।
संबंधित खबरें
प्रदर्शनकारी महिलाओं से मारपीट के दावों पर क्या बोले दिल्ली पुलिस के DCP?
6 hrs agoछात्रों की सुरक्षा पर दिल्ली LG ने की बैठक, पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश
13 hrs agoफाइल स्टेट से एल्गोरिदमिक स्टेट तक, भारत में डिजिटल शासन का बदलता दौर
15 hrs agoदिल्ली दंगा मामले में HC का फैसला, हेट स्पीच पर FIR-SIT जांच की मांग ठुकराई
19 hrs agoदिल्ली की हवा पिछले तीन महीने में सबसे खराब! 187 पर पहुंचा AQI
19 hrs agoदिल्ली-NCR में घरों की कीमतें 12% बढ़ीं; लेकिन खरीदारी घटी
22 hrs ago'नेहा बोरा को प्राइवेट गाड़ी में ले गई पुलिस', AISA के आरोप, क्या बोले DCP?
1 day agoBJP सांसद राधा मोहन दास के घर चोरी, कीमती सामान के साथ गटर का ढक्कन भी गायब
1 day agoCEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, हिरासत में कई AAP नेता
1 day agoदिल्ली की बसों में फ्री सफर के लिए, किन महिलाओं को चुकाना होगा पूरा किराया
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines