दिल्ली के शाहदरा जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने 50,000 की इनामी और घोषित अपराधी कुसुम 54 साल को गिरफ्तार कर लिया है. जो एक बड़े ड्रग सिंडिकेट की मुख्य सरगना बताई जा रही है. कुसुम लंबे समय से फरार चल रही थी और कई राज्यों में सक्रिय नेटवर्क चला रही थी.

स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर महेश कसाना की टीम ने 2 महीने तक ऑपरेशन चलाकर और 200 से ज्यादा CCTV की मदद से इसको गिरफ्तार किया और 100 से अधिक मोबाइल फोन रिकॉर्ड खंगाले गए. टीम ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी भी की.

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9 अप्रैल को पुलिस को कुसुम के ठिकाने की पुख्ता सूचना मिली. इसके बाद टीम ने जाल बिछाया. मुखबिर के इशारे पर जैसे ही कुसुम की पहचान हुई, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया.

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पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुसुम का ड्रग नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था. इस नेटवर्क में उसके परिवार के सदस्य भी शामिल थे. उसकी बेटियां दीपा और चिकू पहले ही MCOCA के तहत गिरफ्तार हो चुकी हैं, जबकि उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं.

कुसुम पुलिस से बचने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार अपने फोन, सिम कार्ड और लोकेशन बदलती रहती थी.

कुसुम को रोहिणी कोर्ट ने अगस्त 2025 में घोषित अपराधी घोषित किया था. उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. वह सुल्तानपुरी की रहने वाली है और उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं.

कुसुम के खिलाफ 2003 से लेकर 2024 तक NDPS के कई केस दर्ज हैं, जिनमें क्राइम ब्रांच और अलग-अलग थानों के मामले शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से ड्रग तस्करी में सक्रिय थी और एक मजबूत सिंडिकेट चला रही थी.

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा का कहना है कि कुसुम की गिरफ्तारी से एक बड़े ड्रग नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी.