राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है. बीते सोमवार संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सीजेपी समर्थकों ने पार्लियामेंट तक मार्च निकालने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प की भी घटनाएं सामने आईं. अब कथित तौर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के पीछे विदेशी साजिश का भी एंगल सामने आ रहा है, जिसकी जांच में अब सुरक्षा एजेंसियां जुट गई हैं.
किस तरह बड़े विरोध प्रदर्शन में बदला डिजिटल अभियान?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, इंटरनेट पर चलाए गए अभियान और इसके पीछे कथित विदेशी कनेक्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां कई स्तरों पर पड़ताल कर रही हैं. जांच का फोकस इस बात पर है कि कुछ ही दिनों में एक डिजिटल अभियान किस तरह बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया और उसके बाद हालात हिंसक कैसे हो गए. जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां सोशल मीडिया पर एक्टिव उन अकाउंट्स और डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही हैं, जिनके जरिए प्रदर्शन को एक बड़ा आकार मिला.
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नए सोशल एकाउंट्स के करोड़ों में फॉलोअर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संदिग्ध हैंडल सामने आए हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि उनका लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है. इन अकाउंट्स के जरिए प्रदर्शन के दौरान कथित मौतों, बड़ी संख्या में घायलों और गिरफ्तारियों को लेकर भ्रामक दावे शेयर किए गए. सामने आए सभी खूफिया जानकारियों की अब जांच की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि प्रोटेस्ट के प्रचार के लिए इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि कुछ नए सोशल मीडिया पेज ऐसे भी है जो बहुत की कम समय में करोड़ों लोगों द्वारा फॉलो किए जा रहे हैं.
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इसी वजह से संबंधित अकाउंट्स, उनके आईपी एड्रेस और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है. जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि आंदोलन से जुड़े घोषणापत्र, पोस्टर, वेबसाइट और अन्य चीजों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन तकनीकों का उपयोग सिर्फ प्रोटेस्ट से जुड़ी चीजों को लिए किया गया या फिर इसके पीछे कोई संगठित डिजिटल रणनीति भी काम कर रही थी.
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