Delhi Water: दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने जनता को साफ पानी सप्लाई करने के लिए एक बेहद आधुनिक और हाईटेक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. इस नई योजना के तहत दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में पहली बार एक ऑनलाइन वाटर एनालाइजर मशीन लगाई गई है. यह डिवाइस पाइपलाइनों के पानी की रियल-टाइम यानी चौबीसों घंटे लगातार निगरानी करेगी. यह मशीन पानी की शुद्धता से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मानकों जैसे कि पीएच (pH), टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस) और क्लोरीन की मात्रा की लगातार ऑटोमैटिक जांच करती रहेगी, जिससे जनता तक पहुंचने वाले पानी की क्वालिटी का सटीक पता चल सकेगा.

कब पूरे दिल्ली शहर में लागू होगी यह तकनीक?

मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने इस प्रोजेक्ट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि यदि गुलमोहर पार्क में शुरू किया गया यह पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह से सफल रहता है, तो दिल्ली जल बोर्ड इस बेहतरीन तकनीक को पूरे दिल्ली शहर में लागू करने की योजना पर काम करेगा. इस तकनीक के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पूरी राजधानी में पानी की गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और हाईटेक हो जाएगी. इससे पानी में होने वाले किसी भी तरह के प्रदूषण और उसके मुख्य स्रोत की तुरंत पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा.

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क्या सीवर मिक्सिंग की समस्या से मिला परमानेंट समाधान?

विधायक सतीश उपाध्याय ने आगे बताया कि यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के आधार पर स्थापित की जा रही है, जिसका पूरा ढांचा एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह से एक्टिव हो जाएगा. दरअसल, गुलमोहर पार्क क्षेत्र में पिछले दो से तीन हफ्तों से पीने के पानी की अंडरग्राउंड पाइपलाइनों में सीवर का गंदा पानी मिलने की गंभीर समस्या सामने आई थी. दूषित पानी के इस्तेमाल से कई स्थानीय निवासी बीमार भी पड़ गए थे और लोगों को पानी के टैंकरों और बोतलबंद पानी पर निर्भर होना पड़ा था. चूंकि पानी की पाइपलाइनें जमीन के नीचे गहरी दबी होती हैं, इसलिए प्रदूषण की सटीक जगह खोजना मुश्किल हो रहा था, लेकिन इस एनालाइजर की मदद से अब पानी के स्तर की सटीक जांच हो सकेगी.

सिर्फ दो हफ्तों में दूर हुई बड़ी मुसीबत

गुलमोहर पार्क आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अतुल बल ने बताया कि इलाके में गंदे पानी की शिकायत मिलने के तुरंत बाद विधायक कार्यालय और दिल्ली जल बोर्ड की टीमों ने मिलकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया था. दोनों विभागों के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने करीब दो सप्ताह तक अलग-अलग पॉइंट पर सघन जांच की और पाइपलाइन में सीवर प्रदूषण घुसने के तमाम स्रोतों की सफलतापूर्वक पहचान की. अतुल बल ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रशासन और दिल्ली जल बोर्ड की त्वरित कार्रवाई और कड़ी मेहनत के चलते आज इस इलाके में पानी के दूषित होने की समस्या पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और अब नलों में साफ पानी की सप्लाई बहाल हो गई है.