दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार बताया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई NCRP पोर्टल पर मिली एक शिकायत के आधार पर शुरू की गई. शिकायतकर्ता को व्हाट्सऐप के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया और वीज़ा बनवाने के नाम पर उससे पैसे ऐंठ लिए गए. पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया.

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जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की जिससे लोकेशन रानी बाग इलाके में मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापा मारकर तीन आरोपियों को दबोच लिया. पूछताछ में सामने आया कि शादाब नाम का शख्स इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों का डेटा जुटाता था. पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 4 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 14 पासपोर्ट, एक पेन ड्राइव, जिसमें फर्जी वीज़ा और दस्तावेज़ मिले, साथ ही 3 नकली मुहरें और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं.

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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते थे, उन्हें विदेश में नौकरी का झांसा देते थे और फर्जी वेबसाइट दिखाकर भरोसा जीतते थे. इसके बाद हर पीड़ित से 15 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे और फिर संपर्क तोड़ दिया जाता था.

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है. साथ ही देशभर में अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

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