Delhi New Highways: दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन सफर को बेहद आसान बनाने वाले साबित होंगे. केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर पांच नए रोड प्रोजेक्ट्स, टनल और फ्लाईओवर्स के निर्माण का एक महाप्लान तैयार किया है. हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई एक अहम बैठक में इन योजनाओं पर सहमति बनी है. इन नए रास्तों के बनने से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का लोकल ट्रैफिक सुधरेगा, बल्कि बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले भारी वाहनों को भी शहर के अंदर आए बिना सीधा रास्ता मिल जाएगा.
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दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को UER-2 से जोड़ने की तैयारी
इस योजना के तहत दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) से जोड़ने के लिए एक विशेष कॉरिडोर बनाया जाएगा. लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 17 किलोमीटर लंबे और छह लेन के कॉरिडोर पर मार्च 2027 तक काम शुरू होने की उम्मीद है. कुल 670 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास बहादुरगढ़ बॉर्डर से शुरू होकर हरियाणा और पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर के कटरा तक जाएगा. इस नए लिंक रोड के बनने से कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को दिल्ली, गुरुग्राम और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) तक बिना किसी जाम के सीधी पहुंच मिल जाएगी.
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17 किलोमीटर लंबा छह लेन का कॉरिडोर
दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट UER-2 को ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. यह 17 किलोमीटर लंबा छह लेन का कॉरिडोर करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसका काम 2026 के अंत तक शुरू होने की संभावना है. इसके बनने से द्वारका, रोहिणी और गुरुग्राम से देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए सीधा रास्ता खुल जाएगा. इसी तरह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा-फरीदाबाद से जोड़ने के लिए 65 किलोमीटर लंबा एक और कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है. करीब 7,500 करोड़ रुपये की भारी लागत वाला यह प्रोजेक्ट दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा, जिसका निर्माण इसी साल दिसंबर तक शुरू हो सकता है.
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कहां से कहां तक बनेगी अंडरग्राउंड टनल?
यात्रियों को सिग्नल-फ्री सफर देने के लिए दिल्ली में टनल और ऊंचे फ्लाईओवर्स का जाल भी बिछाया जाएगा. इसके तहत शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग के बीच लगभग 8 किलोमीटर लंबी और छह लेन चौड़ी एक अंडरग्राउंड टनल बनाने को मंजूरी मिली है. करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज के बीच का सफर आसान करेगी और महिपालपुर, रंगपुरी व धौला कुआं के जाम को खत्म करेगी. इसके अलावा एम्स (AIIMS) से गुरुग्राम के बीच महिपालपुर होते हुए 20 किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिससे एम्स, आईएनए, हौज खास और वसंत कुंज जाने वाले लोगों को बिना किसी लाल बत्ती के सीधा रास्ता मिलेगा.
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