देश की राजधानी दिल्ली में सेना भवन के पास मजदूरों के एक अस्थाई कैंप में लगी भीषण आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया है। इस बड़े हादसे और राहत कार्य की जानकारी देते हुए दिल्ली के फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल ने कहा, "यह इलाका सेना भवन के बिल्कुल पास है। यहां पर काम करने वाले मजदूरों के रहने के लिए एक अस्थाई कंस्ट्रक्शन (कच्चा कैंप) बनाया गया है, जहां सभी मजदूर रहते हैं।"

संदीप दुग्गल ने बताया कि यह आग काफी तेजी से फैली, जिसके बाद दमकल विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाला। इस पूरे ऑपरेशन में फायर ब्रिगेड की करीब 25 गाड़ियों को लगाया गया था। दमकल कर्मियों की भारी मुस्तैदी के बाद करीब तीन घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।

आग लगने की मुख्य वजह क्या थी, इस पर बात करते हुए फायर ऑफिसर ने कहा कि अभी तक हादसे के असली कारण का सटीक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसके पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं। उन्होंने बताया, "मजदूरों के इस कैंप के अंदर खाना बनाने के लिए छोटे एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके साथ ही पूरे कैंप के अंदर बिजली के तार भी फैले हुए थे। ऐसे में आशंका है कि या तो छोटे सिलेंडर में ब्लास्ट या फिर बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ है।"

फिलहाल, दमकल विभाग की 25 गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद स्थिति को पूरी तरह संभाल लिया है। कैंप में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकालने और आग को पूरी तरह शांत करने के बाद अब मौके पर जांच की जा रही है ताकि हादसे की सही वजह का पता लगाया जा सके।

इस घटना के बाद इलाके में बिजली आपूर्ति को फिलहाल एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. संबंधित विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि पैनल में खराबी कैसे आई और क्या वहां बिजली के तारों की मेंटेनेंस में कोई चूक हुई थी. फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.