Elderly Delhi Couple Digital Arrest: दिल्ली में रेलवे के एक रिटायर्ड कर्मचारी और उनकी वाइफ के साथ साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की. इन अपराधियों ने खुद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) का अधिकारी बताया था. संदिग्धों ने 74 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तारी की धमकी दी और दावा किया कि उनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े लोगों को फंड देने के लिए किया गया था.
पीड़ितों को लगातार सर्विलांस में रखा गया
ये घटना 23 नवंबर 2025 को शुरू हुई, जब दिल्ली के द्वारका में रहने वाले बुजुर्ग को एक कॉल आया. उस वक्त वो परिवार की एक शादी में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे. कॉलर ने खुद को जांच अधिकारी बताया और उन पर आतंकवाद को फंड करने का आरोप लगाया. अगले दिन, धोखेबाजों ने वीडियो कॉल के जरिए जोड़े से संपर्क किया. एक ने खुद को NIA अधिकारी बताया, जबकि दूसरे ने ATS अधिकारी होने का नाटक किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित का अकाउंट ब्लास्ट के आरोपी उमर नबी से जुड़ा था और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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तकरीबन एक हफ्ते तक, ये कपल उस स्थिति में रहा जिसे आमतौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है. उन्हें निर्देश दिया गया कि वो किसी रिश्तेदारों से संपर्क न करें या अपने बच्चों को इस मामले के बारे में न बताएं. संदिग्धों ने व्हाट्सएप के ज़रिए एक नकली कॉन्फिडेंशियलिटी एग्रीमेंट भी भेजा और दंपत्ति के बैंक अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और दूसरी संपत्तियों की जानकारी मांगी.
नकली RBI डॉक्यूमेंट का यूज
बाद में धोखेबाजों ने दावा किया कि जांच पूरी होने वाली है और सीनियर सिटीज के फंड को आरबीआई-अप्रूव्ड अकाउंट के जरिए वेरिफाई करना होगा. 3 दिसंबर 2025 को पीड़ित ने फिक्स्ड डिपॉजिट से 30 लाख रुपये निकाले और RTGS के जरिए 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए. एक और डिमांड के बाद, उन्होंने अगले दिन और 15 लाख रुपये भेजे. इसके बाद आरोपियों ने नकली मुहर वाला एक जाली आरबीआई वेरिफिकेशन लेटर भेजा. जब उन्होंने रिप्लाई बंद कर दिया, तो पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है.
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया, जिसने एक ट्रांज़ैक्शन का पता 'श्री बालाजी ट्रैक्टर' के अकाउंट से लगाया, जिसे हरियाणा के रहने वाले सुनील सिंगला चलाते थे. पुलिस ने बताया कि इस अकाउंट का इस्तेमाल तकरीबन 1 करोड़ रुपये से जुड़े कई साइबर क्राइम मामलों में किया गया था. सिंगला को 11 मई को गिरफ्तार किया गया. जांचकर्ताओं ने एक ब्लॉक किए गए ट्रांज़ैक्शन से 12 लाख रुपये बरामद किए और पीड़ित को लौटा दिए.
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