Excise Policy Case ED Raid AAP MP Sanjay Singh House: आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह के घर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के दिल्ली वाले घर पर ईडी की छापेमारी जारी है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ED ने एक्साइज पॉलिसी मामले में AAP सांसद संजय सिंह के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी ली है। प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवास पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक, एक्साइज पॉलिसी मामले में संजय सिंह के आवास पर छापेमारी चल रही है। इससे पहले मामले में सांसद के कई अन्य करीबी लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई थी। समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में जांच एजेंसी ED की एक टीम को दिल्ली में संजय सिंह के आवास पर दिखाया गया है।

एक्साइज पॉलिसी केस में दायर चार्जशीट में था संजय सिंह का नाम

बताया जा रहा है कि एक्साइज पॉलिसी केस में दायर चार्जशीट में संजय सिंह का नाम था। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने राघव मगुंटा को घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे दी। बता दें कि राघव लोकसभा सांसद YSR कांग्रेस पार्टी के नेता मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे हैं। पिछले हफ्ते, दिल्ली सरकार ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें लाइसेंसधारियों को 5 अक्टूबर तक अपने मौजूदा उत्पाद शुल्क लाइसेंस को नवीनीकृत करने के लिए कहा गया। नई शराब व्यापार व्यवस्था लाने में लगने वाले समय के कारण आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपनी मौजूदा उत्पाद शुल्क नीति को छह महीने तक बढ़ाने का फैसला किया है।

जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं AAP के नेता

बता दें कि इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल, वे इलाज के लिए जमानत पर हैं। वहीं, दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया शराब घोटाला मामले में फिलहाल जेल में बंद हैं। पहले सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।

क्या है शराब घोटाला?

दिल्ली शराब घोटाला मामला केजरीवाल सरकार की नई शराब नीति 2021-22 से जुड़ा है। केजरीवाल सरकार ने 17 नवंबर 2021 को राष्ट्रीय राजधानी में नई शराब नीति लागू की थी। इसके तहत दिल्ली में शराब का कारोबार निजी हाथों में सौंप दिया गया और सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि इससे राजस्व में इजाफा होगा। कहा जाता है कि जब नई नीति लागू हुई तो राज्य सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी की जगह नुकसान हुआ। इसके बाद राज्य सरकार केंद्र के निशाने पर आ गई। उस दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने उपराज्यपाल यानी LG वीके सक्सेना को एक रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया। रिपोर्ट के आधार पर 22 जुलाई 2022 को उपराज्यपाल ने मामले में CBI जांच की सिफारिश कर दी।