E20 पेट्रोल या Power100, जानें क्या वाकई आपकी जेब और गाड़ी पर पड़ रहा है भारी बोझ?

E20 Petrol vs Power100: देश में कच्चे तेल का आयात कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ाकर E20 (20% एथनॉल) कर दी है. हालांकि, इसे लागू किए जाने के बाद से ही वाहन चालकों के बीच इसके असर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. दिल्ली के पेट्रोल पंप से जानिए ज़मीनी हकीकत और वाहन चालकों की राय, पढ़ें पल्लवी झा के साथ वरुण सिन्हा की रिपोर्ट

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E20 Petrol vs Power100: E20 पेट्रोल को पर्यावरण के लिहाज़ से बड़ा कदम बताया गया था, लेकिन अब इसके असर को लेकर कई वाहन चालक सवाल उठा रहे हैं. कुछ लोगों का दावा है कि E20 पेट्रोल से उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस और माइलेज प्रभावित हो रही है. ऐसे में कई उपभोक्ता महंगा होने के बावजूद Power100 या XP95 पेट्रोल का विकल्प चुन रहे हैं. हालांकि पॉवर 100 अब बहुत ही सीमित जगहों पर मिल रहा है ऐसे में हमारे संवादाताओं ने दिल्ली के स्थित पेट्रोल पंप पर लोगों से बात कर ज़मीनी हकीकत जानने की कोशिश की. आइये दिखते हैं आपको खास रिपोर्ट.

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देश में पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने के पीछे सरकार की बड़ी वजह है—कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण घटाना, लेकिन क्या E20 पेट्रोल हर गाड़ी के लिए उतना ही फायदेमंद है? और क्या आम लोग Power100 या XP95 विकल्प के तौर पर ले रहे हैं? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए संवादाता वरुण सिन्हा पहुंचे ऐसे पेट्रोल पम्प पर, जहां पावर100 बड़ी मुश्किल से मिल रहा है? ऐसे में वहां कंज्यूमर की सोच है और पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं उसको जानने की कोशिश की ..

सरकार का उद्देश्य एथनॉल ब्लेंडिंग के जरिए कंस्यूमर्स को फायदा पहुंचाना है. लेकिन कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. उनका कहना है कि अगर गाड़ी की परफॉर्मेंस और माइलेज बनाए रखने के लिए महंगा पेट्रोल खरीदना पड़े तो बचत की बजाय खर्च बढ़ जाता है.

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E20 पेट्रोल लागू होने से पहले बाजार में मुख्य रूप से E10 और XP95 पेट्रोल उपलब्ध थे. XP95 में अधिकतम 5% तक एथनॉल मिश्रित होता है, जबकि 100 ऑक्टेन Power100 पेट्रोल पूरी तरह एथनॉल-फ्री (E0) माना जाता है. कुछ वाहन मालिकों का कहना है कि E20 की तुलना में Power100 इस्तेमाल करने पर उन्हें इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर महसूस होती है और कई उपभोक्ताओं का मानना है कि इससे एवरेज में भी थोड़ा सुधार देखने को मिलता है.

Power100 पेट्रोल सीमित जगहों पर उपलब्ध

हालाँकि, 100 ऑक्टेन वाला Power100 पेट्रोल अब बहुत ही सीमित जगहों पर उपलब्ध है. बता दें कि E20 लागू होने से पहले बाज़ार में मुख्य रूप से E10 और XP95 उपलब्ध थे. XP95 में लगभग 5% तक एथनॉल होता है, जबकि Power100 को पूरी तरह एथनॉल-फ्री (E0) माना जाता है. उपभोक्ता वरुण सिन्हा और अन्य वाहन मालिकों का मानना है कि E20 के मुकाबले Power100 या प्रीमियम पेट्रोल डालने से इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है और माइलेज में भी सुधार महसूस होता है.

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बचत या जेब पर अतिरिक्त बोझ?

कुल मिलाकर E20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं की राय बंटी हुई तो है. एक ओर सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बता रही है, तो दूसरी ओर कुछ वाहन मालिक दावा कर रहे हैं कि उन्हें बेहतर परफॉर्मेंस के लिए महंगे प्रीमियम पेट्रोल का सहारा लेना पड़ रहा है.
अब ये बहस तेज हो रही है कि क्या E20 का लाभ सभी वाहनों तक समान रूप से पहुंच रहा है, या फिर कुछ उपभोक्ताओं की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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