शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के चुनाव नतीजों का ऐलान हुआ. एक बार फिर विश्वविद्यालय को अपने चार नए नेता मिले यानि देश की राजनीति का पहली सीढ़ी इन चारों ने भी पार कर ली. दरअसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी को राजनीति की नर्सरी कहा जाता है. जैसे देश की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, वैसे ही पॉलिटिक्स में कदम रखने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ही पहला पड़ाव है. DU की छात्र राजनीति से निकले नेता विधायक, मंत्री, सांसद, केंद्रीय मंत्री से लेकर देश के बड़े दिग्गज बने. वैसे तो देश की ज्यादातर यूनिवर्सिटी में चुनाव होते हैं, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी की बात ही कुछ अलग है.
ये भी पढ़ें: DUSU चुनाव में क्या NOTA ने भी बिगाड़ा खेल, जानें कितने पड़े वोट, 2025 में क्या थे आंकड़े?
DU क्यों है राजनीति की नर्सरी?
दरअसल, नेशनल पॉलिटिकल पार्टियों का दिल्ली यूनिवर्सिटी में खास दबदबा होता है. स्टूडेंट यूनियन के इलेक्शन में आमतौर पर कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और BJP समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच ही कांटे की टक्कर देखी जाती है. इसके साथ ही कई और राजनीतिक दलों की स्टूडेंट्स यूनियन भी चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. सभी राष्ट्रीय पार्टियों की नजर सीधे DUSU चुनाव पर होती है और इसमें जीतने वाले छात्र नेताओं को सीधे बड़ी पार्टियों में एंट्री लेते हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी से देश को कितने दिग्गज मिले?
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन में जीतने वाले कई नेताओं का नाम भारत के दिग्गजों में शामिल हो गया. इनमें सबसे ऊपर है अरुण जेटली का नाम, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1974 में DUSU अध्यक्ष के तौर पर की और आगे जाकर बीजेपी से जुड़े और केंद्रीय वित्त मंत्री बने. वहीं, बीजेपी नेता विजय गोयल का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है, जिन्होंने 1977 में DUSU अध्यक्ष के तौर पर काम किया और आगे जाकर केंद्रीय राज्य मंत्री चुने गए.
अजय माकन, रेखा गुप्ता का नाम भी शामिल
इसके बाद नाम आता है कांग्रेस नेता अजय माकन का, जो 1985 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष चुने गए और बाद में केंद्रीय मंत्री बने. कांग्रेस नेता अलका लांबा की जड़ें भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़ी हैं. 1995 में DUSU अध्यक्ष पद संभालने के बाद वो दिल्ली विधानसभा की विधायक बनीं और महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभाला. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की राजनीति में एंट्री DUSU से ही हुई. रेखा गुप्ता 1995 में दिल्ली यूनिवर्सिटी की सचिव बनीं और उसके बाद 1996-97 के बीच अध्यक्ष रह चुकी हैं. इनके अलावा नुपूर शर्मा, रागिनी नायक जैसे कई ऐसे नाम हैं जो दिल्ली यूनिवर्सिटी की देन हैं.
क्यों खास है डीयू की राजनीति?
दिल्ली यूनिवर्सिटी में देशभर के राज्यों से छात्र आते हैं. कश्मीर से कन्याकुमारी तक यहां स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं. ये दिल्ली विश्वाविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत है, क्योंकि जब कोई छात्र स्टूडेंट यूनियन के चुनाव लड़ता है तो वो भारत के जातिगत समीकरणों और क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़ता है. इसलिए जब यहां से नेता चुने जाने के बाद वो भारत की राजनीति में कदम रखते हैं, तो वो इस तरह की कूटनीति के लिए पहले से ही तैयार होते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी की सीढ़ी पार करने के बाद छात्र सभी तरह के दांव पेंच समझ जाते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में बड़े मुकाम हासिल कर लेते हैं.
ये भी पढ़ें: कौन हैं DUSU चुनाव के इकलौते निर्दलीय विजेता दीपांशु शौकीन? ABVP और NSUI से छीन लिया उपाध्यक्ष पद
संबंधित खबरें
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट बैन का मामला, याचिका दाखिल
9 hrs agoदिल्ली के किन इलाकों में 15 अक्टूबर को गुल रहेगी बिजली, चेक करें अपना एरिया
9 hrs agoअभिजीत दीपके के मेंटर रिहा, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा तिहाड़?
14 hrs agoसौरव-आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, दीपके बोले-तिरंगा लहराना जुर्म नहीं
17 hrs agoजंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर हटाने का आदेश किसने दिया?: दिल्ली HC
1 day agoसौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में घुसना पड़ा भारी, FIR दर्ज
1 day agoदिल्ली में 14 अक्टूबर इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, चेक करें एरिया
1 day agoदिल्ली में बिजली सब्सिडी के लिए बदले नियम, अब आधार हुआ अनिवार्य
1 day agoराहुल गांधी के SC मार्च में दिखीं जन्नत बिश्नोई कौन हैं? DU से क्या नाता
1 day agoदिल्ली में आज ट्रैफिक को लेकर अलर्ट, कई सड़कों पर हो सकता है असर
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines