दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों में रहने वाले लाखों लोगों और वहां से गुजरने वाले वाहनों को रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम से जूझने पड़ता है. इस समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने साकेत से बदरपुर तक ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है. इस परियोजना के तहत एलिवेटेड कॉरिडोर, अंडरपास और कई प्रमुख सड़कों का दोबारा विकास किया जाएगा ताकि लोगों का सफर पहले से ज्यादा तेज और आसान बन सके. सबसे ज्यादा फायदा संगम विहार, खानपुर, पुल प्रह्लादपुर, अंबेडकर नगर और बदरपुर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना लंबा जाम आम बात बन चुका है. इस योजना से ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और व्यापारिक वाहनों को बड़ी राहत मिल सकती है.
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मेहरौली-बदरपुर रोड पर कम होगा ट्रैफिक दबाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मेहरौली-बदरपुर (MB) रोड पर बढ़ते ट्रैफिक बोझ को कम करना है. इस सड़क पर भारी वाहनों, सड़क किनारे पार्किंग और घनी आबादी की वजह से हर दिन लंबा जाम लगता है. नई योजना के अनुसार संगम विहार से मां आनंदमयी मार्ग तक करीब 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके अलावा पुल प्रह्लादपुर से बदरपुर की तरफ करीब 1.1 किलोमीटर लंबा एक और एलिवेटेड हिस्सा तैयार किया जाएगा. वहीं मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रह्लादपुर तक के 1.9 किलोमीटर के हिस्से को UTTIPEC ट्रैफिक मानकों के अनुसार दोबारा डिजाइन किया जाएगा, जिसमें बेहतर सड़क व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम शामिल होंगे.
एलिवेटेड रोड, अंडरपास और सबवे से आसान होगा सफर
यह परियोजना साकेत G-ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर और पुल प्रह्लादपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ेगी. साथ ही मौजूदा फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर के साथ भी इसका एकीकरण किया जाएगा. इस मेगा प्रोजेक्ट में सिर्फ फ्लाईओवर ही नहीं बल्कि अंडरपास, सबवे और टनल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी. इससे अलग-अलग मार्गों पर ट्रैफिक रुकावट कम होगी और दक्षिण दिल्ली से बदरपुर बॉर्डर तक सफर आसान हो सकेगा. परियोजना को मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर और फ्लाईओवर नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के पूरा होने के बाद साउथ दिल्ली के कई व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और यात्रा का समय भी घटेगा.
DPR, सर्वे और पर्यावरणीय अध्ययन पर तेजी से काम
डीएमआरसी ने इस परियोजना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार DPR और ट्रैफिक सर्वे का काम अगले चार महीनों में पूरा हो सकता है. इस दौरान रोड सेफ्टी ऑडिट, पार्किंग स्टडी, यात्रियों की आवाजाही, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभाव का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,471 करोड़ रुपये बताई जा रही है. मार्च 2026 में दिल्ली सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब इस महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले समय में दक्षिण दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल सकती है.
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