Yamuna River Cleaning Plan: राजधानी दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर केंद्र सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके लिए जलशक्ति मंत्रालय अब तक 3 बैठकें कर चुका हैं। अब इसे जल्द ही पीएम मोदी के सामने पेश किया जाएगा। पीएम की मंजूरी के बाद युद्धस्तर पर इसकी सफाई को लेकर काम शुरू हो जाएगा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मानें तो केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने इस पर एक विस्तृत प्लान तैयार किया है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यमुना की सफाई को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। बीजेपी के अलावा आप के लिए भी यह चुनावी मुद्दा था। पिछले सप्ताह दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना के आदेश पर चुनावी वादे के तहत दिल्ली में यमुना की सफाई प्रकिया शुरू कर दी गई। यमुना मास्टर प्लान के लिए जल शक्ति मंत्रालय के अफसरों ने विशेषज्ञों से परामर्श किया है। इन्हीं विशेषज्ञों ने गुजरात में साबरमती रिवर फ्रंट बनाया था। बता दें गुजरात में साबरमती नदी कभी गंदा नाला हुआ करती थी।
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चार चरणों में पूरी होगी सफाई
यमुना मास्टर प्लान के अनुसार यमुना की सफाई चार चरणों में पूरी की जाएगी। कचरे और कीचड़ का निष्कासन, प्रमुख नालों की सफाई, सीवर ट्रीटमेंट प्लान की निगरानी और अधिक से अधिक एसटीपी बनाना ताकि सीवर के पानी को साफ कर यमुना में डाला जा सके। फिलहाल एलजी के आदेश पर यमुना में सफाई का काम चालू कर दिया गया है। आधुनिक मशीनों के जरिए सफाई की जा रही है।
दिल्ली चुनाव के दौरान यमुना में बढ़ते प्रदूषण को लेकर दोनों दलों के बीच कई आरोप-प्रत्यारोप हुए। आप संयोजक केजरीवाल ने बीजेपी शासित हरियाणा पर यमुना में जहर घोलने का आरोप लगाया। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना का पानी पीकर दिखाया था।
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